पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन गुवाहाटी में

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केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुवाहाटी में एक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “पर्यटन एक बहुत बड़ा परिवर्तनकारी साबित हो सकता है जो देश में विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक बदलाव ला सकता है।” पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन के विकास और सम्पर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री की अध्यक्षता में पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन गुवाहाटी में किया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय संस्कृति और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय पर्यटन और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जी. किशन रेड्डी ने कहा कि थीम आधारित पर्यटन सर्किट के एकीकृत विकास पर केंद्रित स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत, मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में 16 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, वास्तविक क्षमता और कौशल विकास पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय अपनी विभिन्न योजनाओं और प्रमुख पहलों के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र को ब्रांडिंग और विपणन सहायता भी प्रदान कर रहा है।

रेड्डी ने बताया कि प्रशाद योजनाओं के अंतर्गत मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए करीब 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत पहल के बारे में बात करते हुए कहा कि 2021-22 के बजट में, पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बजट आवंटन 68,020 करोड़ रुपये रखा गया है। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की सभी राज्य सरकारों से व्यावहारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया ताकि विभिन्न मंत्रालयों में आवंटित पूरी राशि का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा सके।

असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पूर्वोत्तर इलाके में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समग्र रूप से एक ब्रांड के रूप में पूर्वोत्तर को बढ़ावा देना होगा तथा सम्पर्क और बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता है।

केंद्रीय संस्कृति और संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यटन का विकास इस सम्मेलन का मुख्य विषय है और पूर्वोत्तर में इसकी पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है और प्रत्येक राज्य में अद्वितीय प्रतिभा और क्षमता है। यह कहते हुए कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास से पर्यटन के विकास में भी वृद्धि होगी, मंत्री महोदय ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में विकास स्वचालित रूप से अन्य संबद्ध क्षेत्रों को विकसित करने में मदद करेगा और इससे राष्ट्र के विकास में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के अनुसार पूर्वोत्तर भारत के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

 

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