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राज्य-गीत की उपेक्षा से मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत आहत हूँ” — नरेंद्र सिंह नेगी

राज्य के आधिकारिक गीत ‘उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि’ को वर्षों से सरकारी कार्यक्रमों से बाहर रखे जाने पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य-गीत की उपेक्षा से वह व्यक्तिगत रूप से आहत हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा और लोक चेतना के साथ अन्याय है। यह बात उन्होंने देहरादून में कांग्रेस द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य-गीत की वर्षगांठ कार्यक्रम के दौरान कही।

आज देहरादून के बल्लीवाला चौक स्थित वैडिंग पॉइंट में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने किया। कार्यक्रम में राज्य गीत को सार्वजनिक रूप से गाया और बजाया गया।

मुख्य वक्ता गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने भावुक होते हुए राज्य गीत की कुछ पंक्तियाँ गाईं और कहा—
“यह गीत मैंने अपने राज्य के लिए बनाया। इसके लिए मैंने सरकार से एक रुपया भी नहीं लिया, क्योंकि यह मेरी मातृभूमि के प्रति सेवा थी। लेकिन जिस तरह इस राज्य-गीत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, वह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य-गीत की उपेक्षा से मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत आहत हूँ।”

उल्लेखनीय है कि ‘उत्तराखंड देवभूमि मातृभूमि’ को 6 फरवरी 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा राज्य को समर्पित किया गया था। यह गीत हेमंत बिष्ट (नैनीताल) के शब्दों, नरेंद्र सिंह नेगी के संगीत निर्देशन व स्वर तथा अनुराधा निराला की आवाज़ से सुसज्जित है। राज्य गीत के चयन हेतु गठित समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बटरोही थे, जिसमें नरेंद्र सिंह नेगी भी सदस्य रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने की।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य गठन के 15 वर्षों बाद उत्तराखंड को उसकी पहचान देने वाला राज्य गीत मिला था। उन्होंने कहा कि यह किसी एक सरकार या दल की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की धरोहर है, लेकिन वर्तमान सरकार ने राजनीतिक संकीर्णता के चलते इसे भुला दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य गीत को दबाना उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना को दबाने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस गीत में किसी राजनीतिक दल का महिमामंडन नहीं है, तो फिर सरकार को इससे क्या आपत्ति है।

कार्यक्रम के संयोजक कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर ने कहा कि राज्य गीत पूरे उत्तराखंड का है और इसकी अनदेखी देवभूमि की आत्मा के साथ किया गया अन्याय है।

कार्यक्रम का संचालन अभिनव थापर ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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