सीबीआरएन आपदा प्रबंधन में समन्वय की परीक्षा: देहरादून में द्विवार्षिक अभ्यास सफल

देहरादून, 28 मार्च। भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन और विभिन्न आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ मिलकर बिरपुर छावनी, देहरादून में द्विवार्षिक केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) अभ्यास 2025–27 का सफल आयोजन किया। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य खतरनाक पदार्थों से उत्पन्न आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और तैयारी को मजबूत करना था।

अभ्यास में भारतीय सेना की विशेष टीमें, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सिविल पुलिस, अग्निशमन विभाग और चिकित्सा इकाइयों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में आपसी समन्वय, संचार तंत्र और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास किया।
अभ्यास के दौरान एक औद्योगिक इकाई में रासायनिक रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिससे वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रतिक्रिया का परीक्षण किया जा सके। सेना की टीमों ने तुरंत स्थिति का आकलन करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय लागू किए। चिकित्सा टीमों ने घायलों के सुरक्षित निकास और उपचार का अभ्यास किया, जबकि SDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाव, अग्निशमन, सुरक्षा घेरा बनाने और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।

इस संयुक्त अभ्यास में सभी एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट तालमेल देखने को मिला, जिसने जटिल आपदा स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की उनकी क्षमता को दर्शाया। साथ ही, इस अभ्यास से प्राप्त अनुभव भविष्य में आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगे।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी कर्नल मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, इस प्रकार के नियमित संयुक्त अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करते हैं, बल्कि नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि CBRN जैसी संवेदनशील चुनौतियों से निपटने के लिए सेना और नागरिक एजेंसियों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
यह अभ्यास ‘हर काम देश के नाम’ की भावना के साथ आयोजित किया गया, जो आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश की बढ़ती तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
