स्वामी राम विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में 1001 विद्यार्थियों को डिग्रियां

देहरादून, 14 फरबरी। जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्य अतिथि और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विभिन्न संकायों से डिग्री प्राप्त करने वाले 1001 छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिसमें आज के युवा केवल साक्षी नहीं, बल्कि कर्ताधर्ता बनेंगे। प्राप्त शिक्षा का उपयोग मानवता, गरीबों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करने का उन्होंने आह्वान किया।
जेपी नड्डा ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मानव सेवा, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों, आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार, टीबी, मलेरिया और डायरिया उन्मूलन में प्रगति तथा कैंसर के अर्ली डिटेक्शन जैसी पहलों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सभी डिग्री प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, टेलीमेडिसिन और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में केंद्र सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उल्लेखनीय सहयोग मिल रहा है। उन्होंने “प्रधानमंत्री मोदी जी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप राज्य में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए रिवर्स पलायन, जल-जंगल संरक्षण, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन विकास, एसडीजी रैंकिंग, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग करने का आह्वान किया।
राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन और आधारभूत संरचना दोनों स्तरों पर बेहतर कार्य कर रहा है तथा केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के योगदान की सराहना की।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और सकारात्मक परिवर्तन का साधन है। उन्होंने बताया कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
1001 विद्यार्थियों को डिग्रियां, CDOE का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान और बायो-साइंसेज संकायों के 1001 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। 31 विद्यार्थियों को अकादमिक अवार्ड, दो छात्रों को स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवार्ड तथा 14 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया।
समारोह के अवसर पर सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया गया। विश्वविद्यालय को NAAC से A+ ग्रेड प्राप्त होने के कारण CDOE के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम यूजीसी से एंटाइटल्ड हैं, जिससे विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक झलक भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
