आईटीबीपी की 8वीं वाहिनी में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया

गौचर, 26 जनवरी (गुसाईं)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 8वीं वाहिनी में सेनानी वीरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व एवं निर्देशन में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत इस पावन अवसर पर सेनानी वीरेंद्र सिंह रावत द्वारा क्वार्टर गार्ड के समक्ष निर्मित शहीद स्मारक पर देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई।
इसके उपरांत ध्वजारोहण किया गया। सेरेमोनियल वेशभूषा में सुसज्जित बल की सशस्त्र परेड टुकड़ी ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात सेनानी वीरेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में उपस्थित सेवानिवृत्त पदाधिकारियों, उनके परिवारजनों, हिमवीर जवानों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान के लागू होने के साथ ही भारत को पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यही संविधान भारत के नागरिकों को एक सूत्र में बांधे रखता है, इसलिए यह दिन हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को इसलिए चुना गया क्योंकि वर्ष 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी। यह दिन हमें संविधान में निहित समानता, न्याय, स्वतंत्रता और भाईचारे जैसे मूल मूल्यों की भी याद दिलाता है, जो देश के सभी वर्गों को आपस में जोड़ते हैं।
सेनानी रावत ने कहा कि 77 वर्षों की यात्रा के बाद राष्ट्र इतना परिपक्व हो चुका है कि वह अपने अनुभवों को भावी पीढ़ियों के साथ साझा कर निरंतर नए आयामों की ओर अग्रसर है। इसी का परिणाम है कि आज भारत निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
इस अवसर पर वाहिनी में तैनात उन पदाधिकारियों को, जिन्हें महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्राप्त हुए हैं, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत हिमवीर जवानों एवं उनके बच्चों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर दौड़ तथा जलेबी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। जवानों के बीच बोरा दौड़, तीन टांग दौड़ एवं रस्साकशी प्रतियोगिता हुई, जबकि हिमवीर महिला सदस्यों के लिए पेपर फोल्डिंग, सुई-धागा, ब्रिक्स तथा म्यूजिकल चेयर रेस का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
