उत्तराखंड को मिले 220 नये डॉक्टर , मुख्यमंत्री धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

देहरादून 17 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य सशक्तिकरण अभियान कार्यक्रम में 220 नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का “आरोग्य प्रहरी” बताया।
मुख्यमंत्री ने नियुक्त चिकित्सकों को संदेश देते हुए कहा कि वे मरीजों को बेहतर इलाज के साथ-साथ मधुर व्यवहार, सेवाभाव और समर्पण को भी अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। कवि गुमानी पंत की पंक्तियों— “प्रथम देह को जतन कर लो, फिर साधना होगी”—का उल्लेख करते हुए उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि अपने ज्ञान और कौशल से लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करें।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11 लाख से अधिक मरीजों को अब तक 21 करोड़ से अधिक की कैशलेस इलाज सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। श्रीनगर में कार्डियो और न्यूरोलॉजी, तथा हल्द्वानी में कैंसर संबंधी विशेष चिकित्सा सेवाएं शुरू की गई हैं। आपदा और आपात स्थितियों में हेली सेवा के माध्यम से भी दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। हाल ही में धराली आपदा के दौरान इसका लाभ देखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य जांच शिविर, स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और टेलीमेडिसिन सेवा के विस्तार से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिला है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने बताया कि 220 नियुक्त चिकित्सकों में से चार दिव्यांग कोटे के चिकित्सकों को छोड़कर शेष सभी को दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। साथ ही, विभाग जल्द ही और डॉक्टरों, नर्सों और सहायक स्टाफ की भर्ती भी करने जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में 220 स्थानों पर बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 25 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
