मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने किया वोट चोरी’ के आरोप खारिज, बिहार में मतदाता सूची पर जोर
नई दिल्ली, 17 अगस्त । मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने आज नेशनल मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और विपक्ष द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया पर जोर दिया और आरोपों को संविधान का अपमान बताया।
बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया तेज
सीईसी ने बताया कि बिहार में 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने मसौदा मतदाता सूची तैयार की है, जिसे सभी राजनीतिक दलों ने सत्यापित किया है। उन्होंने नागरिकों और दलों से 1 सितंबर तक मतदाता सूची में कमियों को सुधारने के लिए दावे-आपत्तियां दर्ज करने की अपील की। इस प्रक्रिया में 7 करोड़ से अधिक फॉर्म प्राप्त हुए हैं, जो मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद करेंगे।
‘वोट चोरी’ के आरोपों का खंडन
विपक्ष, खासकर ‘इंडिया’ गठबंधन और राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ और दोहरे मतदान के आरोपों को सीईसी ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि इतनी पारदर्शी प्रक्रिया में, जिसमें 28,370 दावे-आपत्तियां शामिल हैं, इस तरह के आरोप निराधार हैं। राहुल गांधी को 7 दिनों के भीतर हलफनामा देने या माफी मांगने को कहा गया, अन्यथा आरोपों को खारिज माना जाएगा।
22 लाख मृत मतदाताओं की पहचान
ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के दौरान 22 लाख मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की जानकारी सामने आई। उन्होंने बताया कि हर साल सूची अपडेट होती है, लेकिन इस बार घर-घर फॉर्म भेजने से यह आंकड़ा सामने आया।
पश्चिम बंगाल और गैर-नागरिकों पर स्थिति
पश्चिम बंगाल में एसआईआर की तारीख पर निर्णय तीनों आयुक्त जल्द लेंगे। गैर-नागरिकों के मतदाता सूची में शामिल होने की आशंका पर सीईसी ने कहा कि केवल भारतीय नागरिक ही मतदान के लिए पात्र हैं। इसकी जांच 30 सितंबर तक पूरी होगी।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बल
सीईसी ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग सभी मतदाताओं के साथ निष्पक्षता से खड़ा है। उन्होंने गलत सूचनाएं फैलाने वालों की आलोचना की और ‘चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति’ करने के आरोपों को खारिज किया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को विवादास्पद बताया और कहा कि सीईसी ने ठोस जवाब नहीं दिए। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में तार्किक जवाबों की कमी थी।
