भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र आज से प्रारम्भ, हंगामे के पूरे आसार
भराड़ीसैंण/, 19 अगस्त। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आज से उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र प्रारम्भ हो रहा है। सत्र की शुरुआत से पहले ही सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। राजनीतिक हलकों में इस सत्र के हंगामेदार होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पंचायत चुनावों में हुई धांधली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएगा। हाल ही में सम्पन्न हुए जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में सत्ता पक्ष पर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। नैनीताल में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान प्रतिपक्ष के नेता यशपाल आर्य के साथ कथित बदसलूकी की घटना भी विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस पर सदन में जोरदार हंगामा कर सकते हैं और सरकार से माफी तथा कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।
सत्र में विपक्ष आपदा प्रबंधन से जुड़े ज्वलंत मुद्दे भी उठाने की तैयारी में है। राज्य में हाल की मूसलधार बारिश, भूस्खलनों, सड़क बाधित होने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास की धीमी गति पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पिथौरागढ़ जिलों में लगातार हो रही घटनाओं ने आपदा प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया है। आपदा निधियों के उपयोग, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और प्रभावित परिवारों को मुआवजे की देरी भी सदन में गरमाहट पैदा कर सकती है।
इसके अलावा बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा, तथा हाल में हुए स्थानांतरण विवाद जैसे मुद्दों को भी विपक्ष सदन में उठाने की रणनीति बना रहा है।
सरकार की ओर से इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और वित्तीय प्रस्ताव लाने की संभावना है। साथ ही मुख्यमंत्री की ओर से विकास योजनाओं, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश संबंधी घोषणाएं की जा सकती हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है, लेकिन विपक्ष के तेवर को देखते हुए यह सत्र सरकार के लिए कठिन साबित हो सकता है।
