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पिथौरागढ़ का खूनी गांव हुआअब देवीग्राम

देहरादून, 19  अगस्त। पिथौरागढ़ जिले में तहसील पिथौरागढ़ स्थित ग्राम “खूनी” का नाम बदलकर अब “देवीग्राम” कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने खूनी ग्राम का नाम बदलने की अनुमति प्रदान कर दी है, इसके बाद उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग ने इसकी विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे, उनकी भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर अब यह मांग पूरी कर दी है। अब आधिकारिक रूप से ग्राम “खूनी” को “देवीग्राम” के नाम से जाना जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की जन भावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रतीक है।

नाम परिवर्तन की इस सफलता पर पूरे गाँव में हर्ष का माहौल है। गांव की नवनियुक्त ग्राम प्रधान इंद्रा जोशी ने समस्त ग्रामवासियों की तरफ से गांव का नाम बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ साथ शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

ग्रामीणों ने सांसद अजय टम्टा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपनी परेशानी रखी। सांसद अजय टम्टा ने इसे आगे बढ़ाया और उत्तराखंड सरकार ने 18 अगस्त को गृह मंत्रालय की सहमति के बाद खूनी गांव का नाम बदलकर ‘देवीग्राम’ करने की अधिसूचना जारी की। इस बदलाव से सालों की मेहनत रंग लाई और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री धामी व सांसद टम्टा का आभार जताया।

‘खूनी गांव’ के नाम के पीछे कोई सटीक दस्तावेज तो नहीं हैं, लेकिन ग्रामीणों में इस नाम को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। गांव में लगभग 60 परिवार रहते हैं, कुल आबादी करीब 380 लोग है। कुछ लोग मानते हैं कि ब्रिटिश काल में यहां कुछ अंग्रेज आए और स्थानीय लोगों पर अत्याचार करने लगे. ग्रामीणों ने उनका बहादुरी से मुकाबला किया और इस संघर्ष में काफी खून बहा. इसी खूनी संघर्ष के कारण गांव का नाम ‘खूनी गांव’ पड़ा। वहीं कुछ लोग कहते हैं कि पुराने समय में यहां अलौकिक और अप्रिय घटनाएं हुई थीं, जिससे भी इस नाम को लेकर डर और कहानियां जुड़ीं।

 

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