थराली आपदा: चेपड़ो तक यातायात बहाल, लापता बुजुर्ग की खोज जारी हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 24 अगस्त। आपदा के दूसरे दिन थराली-देवाल-वांण मोटर मार्ग को चेपड़ो तक छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। शुक्रवार देर रात हुई भारी बारिश और कई स्थानों पर बादल फटने से थराली, चेपड़ो, सबगड़ा, सोल डुंगरी क्षेत्र में भारी जनहानि के साथ ही निजी व सार्वजनिक संपत्तियों और खेती को व्यापक नुकसान हुआ है। सबगड़ा में मकान ढहने से मृत हुई युवती कविता का पिंडर नदी तट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
चेपड़ो में लापता बुजुर्ग गंगा प्रसाद जोशी की खोज के लिए एसडीआरएफ, गढ़वाल स्काउट और डीडीआरएफ की टीमें जुटी हैं। लोनिवि थराली द्वारा देवाल की ओर से दो जेसीबी मशीनें और थराली की ओर से एक बड़ी पोकलेन मशीन चेपड़ो भेजी गई, जिन्होंने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं, ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग समाचार लिखे जाने तक तीसरे दिन भी बंद है, हालांकि बीआरओ सड़क खोलने में जुटा है

इस बीच जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट, तहसीलदार अक्षय पंकज और थानाध्यक्ष पंकज कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और पीड़ितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
विधायक टम्टा का प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
थराली। क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा शुक्रवार को आई आपदा के बाद से लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने थराली विकासखंड के विभिन्न गांवों का निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र व राज्य सरकार पूरी तरह प्रभावितों के साथ खड़ी है।
रविवार को उन्होंने सबसे अधिक प्रभावित चेपड़ो गांव का दौरा किया। यहां घायलों से मिलने के साथ उन्होंने उनके परिजनों को हरसंभव इलाज का भरोसा दिया। उन्होंने पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवी जोशी के घर जाकर उनके लापता पिता गंगा दत्त जोशी को खोजने के लिए प्रशासन के प्रयासों की जानकारी दी।
पत्रकारों से बातचीत में विधायक टम्टा ने कहा कि शासन-प्रशासन थराली आपदा को गंभीरता से ले रहा है। आपदा की सूचना के अगले ही दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं थराली पहुंचे और पुनर्वास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि प्रभावितों के लिए कुलसारी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज और तहसील कार्यालय परिसर में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां बेहतर व्यवस्था की गई है। जिनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें राहत राशि का वितरण भी प्रारंभ कर दिया गया है।
