गौचर क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन, पॉलिटेक्निक भवन खतरे में

–दिगपाल गुसाईं की रिपोर्ट-
गौचर, 31 अगस्त। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों के साथ ही सरकारी और गैर-सरकारी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। करोड़ों की लागत से बना राजकीय पॉलिटेक्निक भवन भूस्खलन की चपेट में आने से खतरे की जद में है।
शनिवार रात हुई तेज बारिश से पॉलिटेक्निक भवन के आगे बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे भवन के नीचे स्थित पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष धूमीलाल के आवासीय भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। भवन में रह रहे परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
राजस्व विभाग और आरडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वहीं कमेड़ा का पुराना भूस्खलन क्षेत्र नासूर बन गया है, जबकि गलनांऊ में नया भूस्खलन क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पॉलिटेक्निक क्षेत्र में हो रहा भूस्खलन रेलवे लाइन के लिए की जा रही भूमिगत सुरंग की खुदाई का नतीजा है। पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य राजकुमार का कहना है कि इस खतरे के बारे में दो साल पहले ही रेल निर्माण निगम को अवगत कराया गया था, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
भूस्खलन और लगातार बारिश से क्वींठी कांडा मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में जल संकट गहराता जा रहा है। पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी और वार्ड सभासद बंदना राणा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
