तीन दिन बाद पोखरी क्षेत्र में बहाल हुई पेयजल आपूर्ति, उपभोक्ताओं ने ली राहत की सांस
-पोखरी से राजेश्वरी राणा –
पोखरी नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास के गांवों में क्षतिग्रस्त पेयजल पुनर्गठन योजना की पाइपलाइन को दुरुस्त कर तीन दिन बाद जल आपूर्ति बहाल कर दी गई। जल संस्थान के कर्मचारियों ने विषम परिस्थितियों में काम करते हुए पाइपलाइन को जोड़कर लोगों को राहत दी।
वर्ष 2014 में जल निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से तुंगनाथ के भुल्लकन से पोखरी तक 32 किलोमीटर लंबी मोटी पाइपलाइन बिछाई थी, जिसे 2017 में जल संस्थान को हस्तांतरित कर दिया गया। यह योजना करीब 7,000 से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी। हालांकि, पाइपलाइन में घटिया सामग्री का उपयोग, लंबा स्पान, जंगलों से गुजरने वाला मार्ग और पानी का अत्यधिक दबाव जैसे कारणों से यह लाइन अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाती है, विशेषकर बरसात के मौसम में। इससे लोगों को बार-बार पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है और उन्हें दूरस्थ प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। साथ ही, पाइपलाइन की बार-बार मरम्मत पर जल संस्थान को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
तीन दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण भुल्लकन और सलना के बीच कई स्थानों पर पाइपलाइन टूट गई थी, जिससे पूरे पोखरी क्षेत्र की जलापूर्ति ठप हो गई। इस दौरान जल संस्थान ने टैंकरों से अस्थायी रूप से पानी पहुंचाया, लेकिन यह अपर्याप्त साबित हुआ।
इसी बीच, अवर अभियंता मनमोहन सिंह राणा के नेतृत्व में जल संस्थान की टीम ने जोखिम उठाकर रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी और वेल्डिंग मशीन की सहायता से पाइपलाइन को जोड़ने का काम किया। उनके अथक प्रयास से तीन दिन बाद पानी की आपूर्ति बहाल हो सकी। जल संकट खत्म होने पर क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है।
इस मुद्दे पर नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पट, प्रमुख राजी देवी, ज्येष्ठ प्रमुख ऊषा कंडारी, विधायक प्रतिनिधि धीरेन्द्र राणा, एडवोकेट श्रवण सती, एडवोकेट देवेंद्र राणा, व्यापार संघ अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र सिंह राणा, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता बीरेंद्र पाल सिंह भंडारी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुवर सिंह चौधरी, राज्य आंदोलनकारी संगठन ब्लॉक अध्यक्ष कुवर सिंह खत्री, रमेश चौधरी, विष्णु प्रसाद चमोला सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने शासन, प्रशासन और विभाग से योजना के सुदृढ़ मेंटेनेंस की मांग की है ताकि भविष्य में पाइपलाइन टूटने की समस्या से छुटकारा मिल सके और क्षेत्रवासियों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो।
