लगातार बारिश से क्वींठी और काण्डा में तबाही; कई परिवार बेघर, मवेशियों को बचाने की चुनौती

-गौचर से गुसाईं / पोखरी से राणा
गौचर, 2 सितम्बर। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गांवों में हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से निकलने से डर रहे हैं, जबकि जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं वे सिर छुपाने के लिए सुरक्षित स्थान खोजने को मजबूर हैं।
रविवार रात से जारी भारी बारिश से खेतों में कामकाज ठप हो गया है और पशुपालकों को मवेशियों के लिए चारा जुटाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के कारण पीने के पानी की किल्लत भी बढ़ गई है।

विकासखंड पोखरी के ग्राम प्रधान के अनुसार क्वींठी हाईस्कूल और आसपास के कई आवासीय भवन भूधंसाव की चपेट में हैं। क्वींठी तोक काण्डा गांव में भी कई मकान और गौशालाएं दरारों से जर्जर हो चुकी हैं। बारिश से जूनियर हाईस्कूल क्वींठी का नया भवन भी धंसने के कगार पर है।
ग्राम प्रधान ने बताया कि बिजेंद्र रावत, रविंद्र रावत, नरेंद्र रावत, रविंद्र सिंह, दमयंती देवी, मुकेश सिंह और रणबीर सिंह के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। प्रशासन ने इन परिवारों को अस्थायी तौर पर प्राथमिक विद्यालय में ठहराया है, लेकिन वह भवन भी खतरे की जद में होने से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिन परिवारों के पास मवेशी नहीं हैं उन्होंने गौचर में किराए के घरों में शरण ले ली है, जबकि मवेशियों वाले परिवार असहाय हैं क्योंकि गांवों तक जाने के रास्ते भी टूट चुके हैं।
काण्डा के ग्राम प्रधान कल्याण सिंह रावत और ग्राम प्रधान मुकेश रावत ने बताया कि वलवंत सिंह रावत, रणवीर सिंह रावत, जयेश रावत, रवि रावत, कुंदन सिंह, बलवीर सिंह, बिरेन्द्र सिंह, गोपाल सिंह और संदीप सिंह के मकानों में भी बड़ी दरारें आ चुकी हैं, जिससे भवनों को गंभीर खतरा है।
समाजसेवी गोकुल सिंह नेगी के अनुसार गांवों में लोग रात को भी डर के मारे नहीं सो पा रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों को दिए गए ₹1.30 लाख के चेक प्रभावितों ने अपर्याप्त बताते हुए लौटा दिए हैं।
