गढ़वाल कुमाऊं का सेतु है, कंडी लालढांग चिल्लरखाल मोटरमार्ग
कोटद्वार, 5 सितम्बर। गढ़वाल कुमाऊं के बीच ऐतिहासिक ओर सामरिक महत्व के मार्ग कंडी रोड ओर चिल्लर मोटर मार्ग की मांग को लेकर कोटद्वार की जनता एक बार फिर लामबंद हो रही हे।
सन 1962,।के भारत चीन युद्ध के समय ओर बाद में भी अनेक वर्षों तक इस मार्ग से जनता का हरिद्वार,ऋषिकेश,देहरादून का सड़क संपर्क बना हुआ था।
उत्तरप्रदेश के समय तो इस मार्ग को पर्यटन को यातायात के नक्शे पर दिखाया जाता रहा।किंतु राज्य बनने के बाद इसे न सिर्फ नक्शे से ही गायब कर दिया,बल्कि कॉर्बेट पार्क को गढ़वाल से अलग कर,पूरी तरह से नैनीताल जनपद का हिस्सा दिखाया जाने लगा।इसका एक बड़ा कारण यह भी रहा कि कोटद्वार से रामनगर जाने वाले लोगों को आज दिन तक नजीबाबाद,धामपुर अफजलगढ़ कालागढ़ को कर 165 किमी की यात्रा नैनीताल तक पहुंचना पड़ रहा है।जब की यदि कोटद्वार से कालागढ़ होकर यह दूरी मात्र 95 किमी की रह जाती है।
गढ़वाल कुमाऊं के बीच पुराना कंडी मार्ग यदि कोटद्वार,दुगड़ा, सीतामढ़ी , मैदावेन कांडा, लोहचोड़ ढिकाला,तक,ओर यहां से दूसरी ओर दुर्गा देवी धनगढ़ी मार्ग को फिर से खोले जाने से नैनीताल उच्च न्यायालय जाने वाले लोगों के लिए सुगम होगा,साथ ही यूपी के रस्ते जनता को भी दोहरे टैक्स कम दूरी भी तय करनी पड़ेगी।
आज की दूसरी बड़ी जन आवश्यकता कोटद्वार लालढांग चिल्लरखाल मोटरमार्ग की हे,वन अधिनियम की आड में इस मार्ग में भी कुछ स्वार्थी लोग रोड़े अटकाए हुए हे। जब राजाजी नेशनल पार्क ओर कॉर्बेट पार्क के बीच पर्यटकों को सैर कराने सड़क ओर एलिवेटेड सड़क बन सकती है,तो, गढ़वाल के बीरोंखाल , नैनीदांडा,,थलीसैंण, पोखड़ा,दुगड़ा, की लगभग 12 लाख की जनता को इसका लाभ मिलेगा।
इसी तरह लालढांग चिल्लर खाल हरिद्वार मीटर मार्ग की कहानी भी हे।राज्य बनने के 25 वर्षों बाद भी राज्य की जनता को नजीबाबाद उत्तर प्रदेश से हो कर देहरादून पहुंचना पड़ रहा हैं।यदि इस मार्ग के निर्माण में वन विभाग ओर राजाजी पार्क के नियम बाधक बने हुए है तो फिर हरिद्वार में राजाजी पार्क के जंगलों से एलिवेटेड रोड कैसे बनी है।
गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष ओर संचालक मंडल के सदस्य डॉ वेद प्रकाश माहेश्वरी ओर विजय माहेश्वरी बताते हे कि राज्य बनने के बाद नित्यानंद स्वामी की सरकार में मंत्री मोहन सिंह गांववासी के समय कोटद्वार कालागढ़ से रामनगर तक चलने वाली जी एम ओ यू की बस को यह कर टैक्स मुक्त रखा गया था, कि यह गढ़वाल कुमाऊं की लाइफ लाइन है।ओर आम जनता को इससे सरकार दोनों मंडलों की जनता को एक दूसरे के साथ नजदीक आने का अवसर ओर समझ बढ़ाने का भी मौका मिलेगा।पर गांववासी जी के हटते ही जनता को मिलने वाली सुविधा को बंद कर दिया गया।
आज कोटद्वार के जागरूक नागरिक प्रवीण थापा इस सड़क निर्माण की मांग पर कोटद्वार से दिल्ली तक पैदल चलकर जन समर्थन जुटाने पहुंचे हैं,पर अभी तक हमारे राज्य के पांचों सांसदो के कानों में जू तक नहीं रेगी,आखिर क्यों ? आज कोटद्वार भाबर की जनता जिस तरह सड़कों पर उतरी हे,उससे लगता हे कि अब इस मांग को लंबे समय तक टालना भाजपा सरकार के लिए राजनीतिक भू स्खलन के समान होगा।
आज यदि हमारे सांसद गण ओर विधायक ऋतु खंडूरी आगे आ कर इस जन हित की मांग पर जनता का साथ नहीं देती हे,तो,यह संघर्ष उनके राजनीतिक भविष्य के लिए वाटर लू साबित हो सकता है।
अतः एक बार पुनः अपने जनप्रतिनिधियों से मांग हे कि कॉर्बेट पार्क को पर्यटन नक्शे में गढ़वाल को अंकित कर कंडी मार्ग पर भी सड़क स्वीकृत कराकर दोनों गढ़वाल कुमाऊं मंडलों की न सिर्फ दूरी कम होगी, वरन इससे दोनों क्षेत्रों के बीच सामाजिक सांस्कृतिक संबंधों को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
