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सीडीएस जनरल अनिल चौहान को मिला 8 माह का सेवा विस्तार

नई दिल्ली, 25 सितंबर : भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान को केंद्र सरकार ने उनकी सेवा अवधि में विस्तार प्रदान किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने मंगलवार को इसकी मंजूरी दी, जिसके तहत जनरल चौहान अब 30 मई 2026 तक (या अगले आदेश तक) अपने पद पर बने रहेंगे। यह विस्तार उनकी मूल सेवानिवृत्ति तिथि, 31 जनवरी 2026, से लगभग 8 महीने आगे ले जाता है।

रक्षा सुधारों में निरंतरता का लक्ष्य

जनरल चौहान, जो 30 सितंबर 2022 से सीडीएस के रूप में कार्यरत हैं, को यह विस्तार रक्षा सुधारों में निरंतरता और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच स्थिर नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय ऑपरेशन सिंदूर की हालिया सफलता और त्रि-सेवा एकीकरण (थिएटर कमांड्स) को लागू करने की प्रगति को ध्यान में रखकर लिया गया।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

मई 2025 में, जनरल चौहान के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए, जिसे “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए) का जवाब था। जनरल चौहान ने खुलासा किया कि हमला रात 1 बजे इसलिए किया गया ताकि नागरिक हताहतों से बचा जा सके और भारतीय सेना की नाइट विजन क्षमता का प्रदर्शन हो। पाकिस्तान के दावों (भारतीय विमानों को मार गिराने) को उन्होंने सिरे से खारिज किया।

थिएटर कमांड्स पर जोर

विस्तार का एक प्रमुख कारण थिएटर कमांड्स की स्थापना में तेजी लाना है। भारत के पास वर्तमान में 17 एकल-सेवा कमांड (सेना: 7, वायुसेना: 7, नौसेना: 3) हैं, जिनमें तालमेल की कमी है। जनरल चौहान इस सुधार को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो भाजपा के 2024 चुनाव घोषणापत्र का भी हिस्सा था।

जनरल चौहान का सैन्य करियर

1981 में 11 गोरखा राइफल्स में कमीशंड जनरल चौहान ने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे पूर्वी कमांड के जीओसी-इन-सी (2019-2021) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के सैन्य सलाहकार रह चुके हैं। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), सेना मेडल (SM), और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया है।

विशेषज्ञों की राय

रक्षा विशेषज्ञों ने इस विस्तार को स्वागत योग्य कदम बताया है। रक्षा विश्लेषक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) रवि अरोड़ा ने कहा, “जनरल चौहान का अनुभव और नेतृत्व भारत-पाक सीमा पर तनाव और थिएटर कमांड्स जैसे सुधारों के लिए महत्वपूर्ण है।” हाल ही में जनरल चौहान ने त्रि-सेवा एकेडेमिया टेक्नोलॉजी सिम्पोजियम (टी-सैट्स) का उद्घाटन किया, जो सेना और शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।

यह विस्तार भारत की रक्षा रणनीति को और मजबूत करेगा, खासकर पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा तनाव के बीच। रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर इसकी घोषणा की, जिसे व्यापक समर्थन मिला। जनरल चौहान की अगुवाई में भारतीय सेना क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहेगी।

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