तमिलनाडु के करूर में भगदड़: अब तक 39 की मौत, 58 से अधिक घायल
करूर (तमिलनाडु), 28 सितम्बर। तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार 27 सितम्बर की शाम एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जिसने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया। लोकप्रिय तमिल अभिनेता और नवगठित राजनीतिक दल तमिलागा वैयार कच्ची (TVK) के संस्थापक जोसेफ विजय उर्फ़ थलापति विजय की पहली बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान मची भगदड़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 58 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना कैसे हुई
रैली का आयोजन करूर जिले के एक बड़े मैदान में किया गया था, जहां प्रशासन ने लगभग 30,000 लोगों की अनुमति दी थी। लेकिन विजय की लोकप्रियता और रैली को लेकर उत्साह इतना अधिक था कि करीब 60,000 से अधिक समर्थक मैदान में उमड़ पड़े।
शाम करीब 7:45 बजे मंच की ओर बढ़ रही भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। जगह की कमी और दबाव के चलते अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
हताहतों का विवरण
मृतक: नवीनतम जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या 39 हो गई है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।
घायल: 58 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें से 51 की हालत गंभीर बताई जा रही है और वे ICU में भर्ती हैं।
कारण: दम घुटने, दबकर चोट लगने और भगदड़ में गिर जाने से अधिकतर मौतें हुईं।
सरकारी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा,
“तमिलनाडु के इतिहास में किसी राजनीतिक कार्यक्रम में इतनी बड़ी जनहानि पहले कभी नहीं हुई। यह त्रासदी भविष्य में दोबारा न हो, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
सरकार की ओर से तत्काल राहत की घोषणा की गई:
- मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि।
- गंभीर घायलों को 1 लाख रुपये का मुआवजा।
- घटना की जांच के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को राहत कार्यों में लगाया और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को अस्पताल भेजा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए कहा, “करूर में भगदड़ की दुखद खबर से स्तब्ध हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना। केंद्र सरकार हरसंभव सहायता देने को तैयार है।”
कांग्रेस नेता प्रगति आहिर ने भी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भाजपा और अन्य दलों ने हादसे पर दुख जताया, लेकिन प्रशासन की तैयारियों और भीड़ प्रबंधन पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है कि लापरवाही आयोजकों की थी या पुलिस की।
थलापति विजय की प्रतिक्रिया
विजय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सदमा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलने का ऐलान किया और घायलों के इलाज की हरसंभव जिम्मेदारी लेने की बात कही।
कारण और सबक
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार—
- स्थल की क्षमता से दोगुनी भीड़ का इकट्ठा होना,
- अपर्याप्त सुरक्षा और व्यवस्थापन,
- भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस की चूक,इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
यह त्रासदी तमिलनाडु समेत पूरे देश में बड़े राजनीतिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था और गाइडलाइंस की समीक्षा की मांग को मजबूत कर रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही ऐसी रैलियों के लिए नई सुरक्षा नीति बनाई जाएगी।
वर्तमान स्थिति
घायल अब भी विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। करूर और चेन्नई से विशेष मेडिकल टीमें लगाई गई हैं। जांच आयोग अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपेगा।
