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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री धामी, “वरिष्ठ नागरिक समाज के स्तंभ”

देहरादून, 1 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग कर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों को सम्मानित किया तथा “वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प” दिलाया। मुख्यमंत्री ने अपनी माता के नाम पर पौधारोपण किया और वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन व वॉकथॉन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव संपूर्ण समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे बैंक खातों में डीबीटी के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था लगातार सुदृढ़ की जा रही है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवनों का निर्माण कार्य जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग से उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रम स्थापित किए जाने की प्रक्रिया गतिमान है।

उन्होंने बताया कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ तैयार किए जा रहे हैं। इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेश में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम भी लागू है।

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