गौरव और पराक्रम का प्रतीक—हिंडन एयरबेस पर मनाया गया वायु सेना दिवस 2025

गाज़ियाबाद, 9 अक्टूबर। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की 93वीं वर्षगांठ बुधवार को गाजियाबाद स्थित हिंडन वायु सेना स्टेशन पर पूरे सैन्य शौर्य और गरिमा के साथ मनाई गई। इस भव्य समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष और नौसेना प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने औपचारिक परेड का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति ध्वज की मार्चिंग से हुई, जो गौरव, एकता, शक्ति और सैन्य भावना का प्रतीक है। वायु सेना प्रमुख के आगमन पर तीन एमआई-17 1वी हेलीकॉप्टरों ने हवाई सलामी दी, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज, भारतीय वायु सेना का ध्वज और ऑपरेशन सिंदूर ध्वज प्रदर्शित थे।

औपचारिक परेड का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन चेतन प्रदीप देशपांडे ने किया। देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों पर वायु योद्धाओं की सटीक और ऊर्जावान कदमताल ने दर्शकों का मन मोह लिया। वायु योद्धा ड्रिल टीम के समन्वित और तीक्ष्ण प्रदर्शन ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों पर गहरी छाप छोड़ी। समारोह के अंत में वायु सेना प्रमुख ने विभिन्न श्रेणियों में 97 पदक और छह यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान कर वायु योद्धाओं को सम्मानित किया।
अपने संबोधन में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने साधारण शुरुआत से लेकर “विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना” बनने तक का गौरवशाली सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना सटीकता और तीव्रता के साथ सैन्य परिणामों को आकार देने में सक्षम है।
उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें भारतीय वायु सेना की साहसिक और सटीक कार्रवाई ने उसके पराक्रम को प्रमाणित किया और राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई शक्ति का स्थान मजबूत किया।
वायु सेना प्रमुख ने स्वदेशी रूप से विकसित एकीकृत हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि नवाचार, अनुकूलनशीलता और प्रशिक्षण में उत्कृष्टता के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता अटूट है। उनका कहना था—“हम वैसे ही प्रशिक्षण लेते हैं, जैसे हम युद्ध करते हैं।”
समारोह स्थल पर स्थापित “इनोवेशन एरिना” विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां वायु योद्धाओं द्वारा विकसित नवीन तकनीकी विचारों और समाधानों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही एक विशेष प्रदर्शनी में बीते वर्ष भारतीय वायु सेना की चुनौतियों, उपलब्धियों और समर्पण की जीवंत झलक प्रस्तुत की गई।
समारोह का मुख्य आकर्षण रहा हेरिटेज फ्लाइट का शानदार हवाई प्रदर्शन, जिसमें ऐतिहासिक ‘टाइगर मॉथ’ और ‘एचटी-2’ विमानों ने सम्मिलित उड़ान भरी, जबकि विंटेज ‘हार्वर्ड’ विमान ने एकल प्रदर्शन कर दर्शकों की तालियाँ बटोरीं। यह उड़ान भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र सेवा की परंपरा को समर्पित थी।
समारोह का फ्लाईपास्ट और हवाई प्रदर्शन 9 नवंबर 2025 को गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा।
स्थिर प्रदर्शनी में सी-17 ग्लोबमास्टर, एसयू-30 एमकेआई, राफेल, मिग-29, अपाचे, एएलएच एमके-II, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, आकाश मिसाइल सिस्टम और रोहिणी रडार सहित अत्याधुनिक विमानों और प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया।
यह भव्य आयोजन भारतीय वायु सेना के राष्ट्र के प्रति 93 वर्षों के अटूट समर्पण, पराक्रम और उत्कृष्ट सेवा को समर्पित श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।
