राइफलमैन मान सिंह चौहान बने ‘कीवी मैन’, कीवी उत्पादन से पा रहे स्वरोजगार
-गजा (चम्बा) से डी.पी. उनियाल-
विकासखंड चम्बा की ग्राम पंचायत गौंसारी निवासी पूर्व सैनिक मान सिंह चौहान ने सेना से सेवा निवृत्ति के बाद नौकरी की तलाश करने के बजाय कीवी फलोत्पादन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत किया है। आज वे क्षेत्र में ‘कीवी मैन’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
मान सिंह चौहान बताते हैं कि जब उन्हें कीवी फलोत्पादन की जानकारी मिली, तो उन्होंने चार मादा और एक नर पौधा लगाकर इसकी शुरुआत की। पौधों के सहारे के लिए उन्होंने टी (T) आकार के लोहे के एंगल लगाकर उनके ऊपर तार का जाल बनाया। मात्र तीन-चार वर्षों में ही पौधों ने फल देना शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि कीवी फल को बंदर या अन्य जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे फसल सुरक्षित रहती है। एंगलों के नीचे वे राई, मटर, मिर्च और अन्य नगदी सब्जियां भी उगाते हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आमदनी होती है। चौहान अब तक लाखों रुपए की कमाई कर चुके हैं और बताते हैं कि बाजार में कीवी की अच्छी मांग है। यह फल डेंगू जैसी बीमारियों के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
गजा क्षेत्र के आसपास अब कई अन्य लोग भी कीवी उत्पादन की ओर अग्रसर हैं। ग्राम दुवाकोटी की श्रीमती सीता चौहान गृहिणी से “कीवी क्वीन” बन चुकी हैं और वह भी कीवी उत्पादन से लाखों रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। वहीं नगर पंचायत गजा के अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान ने भी तीन वर्ष पूर्व लगाए गए पांच पौधों से अब फल प्राप्त करना शुरू कर दिया है।
ग्राम बेरनी और जगेठी में भी कीवी उत्पादन किया जा रहा है।
उद्यान रक्षा सचल दल गजा की प्रभारी श्रीमती सुषमा ने बताया कि जो किसान कीवी फल के पौधे लगाना चाहते हैं, वे विभाग से पौधों की मांग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कीवी उत्पादन के लिए मादा पौधों के साथ नर पौधा लगाना अनिवार्य है।
