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मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली में PHD चैंबर के 120वें वार्षिक सत्र में की शिरकत

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 120वें वार्षिक सत्र में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों और औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि PHD चैंबर ने पिछले 120 वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में अतुलनीय योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह सत्र “भारत की विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में उभरती भूमिका” और उत्तराखंड के योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श का एक सशक्त मंच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने देश को नई दिशा दी है। ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों ने भारत को आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और UPI जैसे डिजिटल नवाचारों ने छोटे व्यापारियों तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि निर्यात, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार में वैश्विक अग्रणी बन रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीर स्टार्मर के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और वैश्विक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।

उत्तराखंड के औद्योगिक विकास पर बोलते हुए श्री धामी ने बताया कि उनकी सरकार ने 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित की, जिसमें 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 1 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को धरातल पर उतारा गया है। राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक नीतियों, स्टार्टअप नीति और मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी के माध्यम से निवेशक-अनुकूल माहौल बनाया गया है। काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, और स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप जैसे प्रोजेक्ट्स इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

उन्होंने “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की बात भी कही। साथ ही, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 हजार से अधिक नए उद्यमियों को लाभान्वित करने और 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की उपलब्धि का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “एचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” की श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने देहरादून में 28 से 30 नवंबर 2025 को होने वाले विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन (WSDM) का जिक्र करते हुए कहा कि यह जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के लिए नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देगा।

कार्यक्रम में PHDCCI के अध्यक्ष श्री हेमंत जैन, उपाध्यक्ष श्री अनिल गुप्ता और श्री राजीव जुनेजा, पूर्व अध्यक्ष श्री संजीव अग्रवाल, यूकास्ट महानिदेशक श्री दुर्गेश पंत सहित कई उद्योगपति और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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