इतिहास के झरोखों से : एक सांसद ने कहा “You are Crime Minister but not Prime Minister”

–गोविंद प्रसाद बहुगुणा-
यह प्रसंग उस समय का है जब ब्रिटिश शासन काल में एक बार सन १९४३ में बंगाल और बिहार में अकाल की स्थिति पैदा हो गयी थी तो ब्रिटिश पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री चर्चिल ने उस समय यह आपत्तिजनक बयान दिया था कि-
“अकाल की स्थिति के लिए हिन्दुस्तानी लोग स्वयं जिम्मेदार हैं क्योंकि उनकी पैदाइश कीड़े -मकोड़ों की तरह लाखों की संख्या में होती है –
“The famine was their own fault for breeding like rabbits”~Winston Churchill on Bengal Famine 1943)
प्रधानमंत्री चर्चिल की इस टिपण्णी पर संसद में बहुत बबाल मचा । तब एक भारत- हितैषी सांसद ने क्रोधित होकर कहा था कि ” चर्चिल तुम भी कीड़े- मकोड़े खाने वाले राक्षसों से कम नहीं हो – जो सारे भारतीय किसानों का खून चूसकर तुम दिन प्रति-दिन मोटे होते जा रहे हो , पूंजीपतियों और मिल मालिकों के एजेंट हो तुम -“You are the Crime Minister but not the Prime Minister Mr चर्चिल-“
इसके बाद चर्चिल की बोलती बंद हो गयी I सुखद आश्चर्य यह है कि वहां के स्पीकर ने इस टिप्पणी पर उस सदस्य को निलंबित नहीं किया, शायद वह भी उस सांसद के उत्तर से सहमत थे।
इसी तरह के एक अन्य प्रसंग में जब विख्यात लेखक जॉर्ज बर्नार्ड शॉ से चर्चिल की मुलाकात हुई तो चर्चिल बोले-” लगता है तुमने कई दिनों से खाना नहीं खाया है जो इतने दुबले-पतले हुए जा रहे हो – बर्नार्ड शॉ ने भी उसी ढंग से जवाब दिया- “हमारे हिस्से का सारा अन्न तो तुम अकेले खा रहे हो mr प्राइम मिनिस्टर इसलिए तुम भी इतने मोटे हो गए हो I “‘-
–चर्चिल स्वयं को महान लेखक समझते थे इसलिए लेखकों से चुटकियां लेते रहते थे -चर्चिल ने ब्रिटिश साम्राज्य के बल पर स्वयं को नोबेल पुरस्कार दिलवा दिया हालांकि उनका लिखा साहित्य लोग पढ़ते ही नहीं हैं —
-The Indian Summer”नामक पुस्तक से साभार उद्धृत -GPB
