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पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में शत प्रतिशत हुयी वृद्धि 

नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत पूर्व सैनिकों (ईएसएम) और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में शत प्रतिशत की वृद्धि को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय सरकार की पूर्व सैनिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वीकृत बढ़ोतरी इस प्रकार हैं:

पेनुरी ग्रांट को प्रति लाभार्थी 4,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस कदम से 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वृद्ध और गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों तथा उनकी वीर नारियों को आजीवन आर्थिक सुरक्षा व निरंतर सहायता सुनिश्चित होगी, जिनकी कोई नियमित आय नहीं है। इसके अलावा, दो आश्रित बच्चों (कक्षा 1 से स्नातक तक) या दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रही वीर नारियों के लिए शिक्षा अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह प्रति व्यक्ति कर दिया गया है, जिससे शिक्षा के अवसरों को और सशक्त सहयोग मिलेगा।

विवाह अनुदान को प्रति लाभार्थी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। यह संशोधित अनुदान पूर्व सैनिकों की अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह और वीर नारियों के पुनर्विवाह पर लागू होगा, बशर्ते ये विवाह इस आदेश के जारी होने के बाद संपन्न हुए हों।

संशोधित दरें 1 नवंबर, 2025 से प्राप्त होने वाले आवेदनों पर लागू होंगी। इन संशोधनों से सरकार पर लगभग 257 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आएगा, जिसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (एएफएफडीएफ) से वहन किया जाएगा।

इन योजनाओं का वित्तपोषण रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण कोष के माध्यम से किया जाता है, जो एएफएफडीएफ का एक उपकोष है और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए समर्पित है।

यह निर्णय गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और निम्न आय वर्ग के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा के ताने-बाने को सशक्त बनाता है। साथ ही, यह देश के पूर्व सैनिकों की सेवा, समर्पण एवं बलिदान के प्रति सरकार की अटूट सम्मानभावना और प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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