क्षेत्रीय समाचार

कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल पर्यटन किसान विकास मेला — लोक संस्कृति और उमंग का संगम

 

पोखरी, 29 अक्टूबर ( राणा )।  कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल पर्यटन किसान विकास मेला अपने पूरे शबाब पर है। चौथी और पाँचवीं सांस्कृतिक संध्या में लोक संस्कृति, संगीत और खेलकूद की मनमोहक छटा बिखरी रही। एक ओर लोक गायक इन्द्र आर्य और लोक गायिका मेघना चन्दा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर रात तक झुमाया, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की महिला मंगल दलों और छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों और नृत्यों से परंपरा का रंग भर दिया।

चौथी संध्या रही इन्द्र आर्य और मेघना चन्दा के नाम

चौथी सांस्कृतिक संध्या में लोक गायिका मेघना चन्दा ने भजन “जय नन्दा जय शक्ति गौरा भवानी” से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद “हिलमा चांदी को बटन”, “स्वामी दिलमा तुम्हारी रटन”, “कन भली लगदी तेरी नाक की नथुली” और “मेरी भाडुली” जैसे गीतों से उन्होंने माहौल को संगीतमय बना दिया।
प्रसिद्ध लोकगायक इन्द्र आर्य ने “माता गौरी अम्बे तू दैणी हो जाय”, “रामदेई का होटल”, “बोल हिरा बोल” और “जय हो गढ़वाल जय हो कुमाऊं” जैसे गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति पर मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भंडारी और मेला अध्यक्ष सोहन लाल भी मंच पर थिरक उठे।
मुख्य अतिथि भंडारी ने कहा कि कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियाँ इस मेले को नई बुलंदियों तक पहुँचा रही हैं और वे हमारी संस्कृति को देश-विदेश तक पहुँचा रहे हैं। मेला अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्रवासियों के सहयोग से ही यह मेला अपने चरम पर पहुँचा है।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
पूरे मेला परिसर में थानाध्यक्ष देवेन्द्र पंत के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

पाँचवें दिन महिला मंगल दलों और छात्रों ने बिखेरी संस्कृति की छटा

पाँचवें दिन मेला मंच पर क्षेत्र की महिला मंगल दलों ने एक से बढ़कर एक लोकगीत प्रस्तुत किए।
खाल बजेठा की महिलाओं ने “मेला झौला”, थालाबैड़ ग्राम पंचायत की महिलाओं ने “मेरु माधो सिंह भंडारी घौर नि आये”, सगूण ग्राम पंचायत की महिलाओं ने “बर्फ मा भौजी कनके जाड़” और वल्ली ग्राम पंचायत की महिलाओं ने “पैटण बेटी मेरी नंदा भवानी अपना सौरियास” गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
एवीएम इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने “रगीली पिगली झगुली” की प्रस्तुति से कार्यक्रम में रंग भर दिए।

मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भंडारी ने महिला मंगल दलों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए कहा कि जनता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह मेला सफलता के साथ पाँचवें दिन तक पहुँचा है।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पत ने कहा कि मेलों के माध्यम से हमारी संस्कृति जीवित रहती है, वहीं पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत ने कहा कि कलाकारों की प्रस्तुतियों से हमारी लोकसंस्कृति देश-विदेश में पहचान बना रही है।

वॉलीबॉल प्रतियोगिता में बढ़ा रोमांच

इसी दौरान विनायकधार स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में कुल 12 टीमों ने भाग लिया। गोपेश्वर हॉस्टल, देहरादून, टिहरी और स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून की टीमें सेमीफाइनल में पहुँचीं।
निर्णायक मंडल में अनूप रावत, योगेन्द्र बर्तवाल, रमेश पखोली, कमल किशोर चौहान, नवीन कुवर, अतुल कुमार और जगदीश शामिल रहे।

इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी, राज्य महिला आयोग की सदस्य वत्सला सती, सत्येन्द्र सिंह नेगी, जगदीश भट्ट, ताजबर राणा, दीपक विष्ट सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

मंच संचालन चौथी संध्या में राजेन्द्र असवाल और संतोष चौधरी ने, जबकि पाँचवें दिन टी.पी. सती और भगीरथ भट्ट ने संयुक्त रूप से किया।

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