जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नाम रही पोखरी मेले की छठी संध्या
पोखरी, 31 अक्टूबर । कवि चंद्र कुंवर बर्तवाल खादी पर्यटन किसान विकास मेले की छठी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण और उनके साथी कलाकारों के नाम रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. महेश चौधरी एवं कल्प इंडस्ट्रियल कालेश्वर के प्रबंधक प्रदीप पंवार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। मंच संचालन हर्षवर्धन थपलियाल, राजेंद्र असवाल और संतोष चौधरी ने किया।
लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने अपने प्रसिद्ध जागरों और लोकगीतों — “घुट-घुट बाडुली लगे”, “औ मेरा दगडूया”, “देवी जागर”, “मोहना तेरी मुरुली”, “तिवारी मा बैठी होली”, “सरुली मेरु जिया लगी तेरी रौतेली मुखड़ी मा” — की प्रस्तुति से पूरे मैदान को उत्साह और लोकधुनों के रंग में रंग दिया। देर रात तक दर्शक झूमते रहे और हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज छा गई।

मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी और मेला अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। भंडारी ने कार्यक्रम से अभिभूत होकर प्रीतम भरतवाण और उनके साथी कलाकारों को शाल ओढ़ाकर तथा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
भंडारी ने कहा कि “इन्हीं लोक कलाकारों की बदौलत हमारी संस्कृति और परंपरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है। पोखरी मेला अब प्रदेश के प्रमुख मेलों में अपनी मजबूत जगह बना चुका है।”
मेला अध्यक्ष सोहन लाल ने कहा कि कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के कारण यह मेला अपनी प्रादेशिक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान भी स्थापित कर चुका है।
इस अवसर पर बसत भंडारी, मनोज भंडारी, मदीश कंडारी, गिरीश किमोठी, बिछना रौथाण, कालिका प्रसाद सती, सत्येंद्र बुटोला, पूरण सिंह नेगी, बसुधा गौतम, अर्जुन, दलीप, काजल, राय सिंह रावत, विनोद चौहान सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
