देवाल में तहसील दिवस पर 123 शिकायतें, 50 का हुआ मौके पर निस्तारण
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को दी प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/देवाल, 4 नवंबर। देवाल में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 123 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 50 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
देवाल ब्लॉक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्रामीणों ने जल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार से जुड़ी अनेक समस्याएं रखीं।
देवाल की खिलपा देवी ने जल निगम पर तीन साल से पेयजल कनेक्शन न देने की शिकायत की, जिस पर निगम के अरुण प्रताप सिंह ने इस माह तक कनेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

देवाल की कनिष्ठ प्रमुख पिंकी देवी और पूर्णा की प्रधान सीमा देवी ने पूर्णा गांव में बरसात के दौरान खिसके बोल्डर से आबादी क्षेत्र को खतरा होने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने लोनिवि थराली को तत्काल बोल्डर हटाने के निर्देश दिए।
देवेंद्र प्रकाश की मांग पर डीएम ने देवाल में श्रम कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाने को कहा। भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश मिश्रा ने हनीगाड़-देवाल-पूर्णा पेयजल योजना में अनियमितताओं की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की, जिस पर डीएम ने उपजिलाधिकारी थराली को जांच के आदेश दिए। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय देवाल के नवनिर्मित भवन में सीलन की शिकायत पर आरडब्लूडी को तत्काल मरम्मत कराने को भी कहा।
ऊणी निवासी कलम सिंह बिष्ट ने थराली-देवाल-वांण मोटर मार्ग के नंदकेशरी में राजजात हेतु पार्किंग निर्माण की मांग की। गोविंद सोनी ने पूर्णा से बलीबूबू तक सड़क निर्माण न होने की शिकायत की, जिस पर लोनिवि के सहायक अभियंता ने बताया कि वन भूमि की फाइल पर वन विभाग ने आपत्ति लगाई है।
श्री नंदादेवी राजमार्ग (थराली-देवाल-वांण, 52 किमी) के संबंध में डीएम ने मार्ग सुधार और हॉटमिक्स कार्य को तीन भागों में विभाजित कर राजजात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
पूर्व छात्र नेता महावीर सिंह बिष्ट ने कुनारबैंड-घेस मोटर मार्ग से सुय्या तक सड़क और पुल निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि देवाल-वांण मार्ग पर उलंग्रा और ल्वाणी में भारी भूस्खलन हो रहा है, इसलिए राजजात के दौरान सुय्या मार्ग वैकल्पिक रास्ता बन सकता है। इस पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने एक सप्ताह में सर्वेक्षण टीम गठित करने का आश्वासन दिया।
उम्मेद सिंह ने पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग के अंतर्गत ल्वाण-सुय्या मोटर सड़क का भूमि मुआवजा न मिलने की शिकायत की। वांण के पूर्व क्षेपंस हीरा सिंह ने वांण में बीएसएनएल टावर लगाने और देहरादून-देवाल बस सेवा को वांण तक बढ़ाने की मांग की।
लौसरी के प्रधान खिलाप सिंह ने गांव में भूस्खलन रोकने के लिए चेकडैम निर्माण की मांग रखी। चोटिग के क्षेपंस रमेश गड़िया ने चोटिग-हरमल और उफथर-झलिया पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की।
इसके अलावा मेलखेत, मानमती, उदेपुर व मुनियालीखेत में बीएसएनएल टावरों के संचालन, मानमती-सोरीगाड़ मोटर सड़क पर नालियों के निर्माण, राइका देवाल में भूगोल प्रवक्ता व एलटी हिंदी-अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के उच्चीकरण की मांगें भी उठाई गईं।
विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र बिष्ट ने संगम मैदान देवाल में अस्थायी पार्किंग हेतु स्नानागार, शौचालय और रेन शेल्टर निर्माण का सुझाव दिया। पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट ने राजकीय महाविद्यालय तलोर देवाल भवन की छत टपकने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने सीडीओ को जांच करने को कहा।
बलाण के क्षेपंस प्रदीप दानू ने घेस, हिमानी और बलाण गांवों को राजजात योजना से जोड़ने की मांग की।
पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल ने श्री नंदादेवी राजजात के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण सुझाव जिलाधिकारी को दिए। बैठक में पेयजल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, कृषि और जड़ी-बूटी जैसे विभागों की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभीषेक त्रिपाठी, एसडीएम थराली अबरार अहमद, देवाल प्रमुख तेजपाल सिंह रावत, तहसीलदार अक्षय पंकज, बीडीओ जगदीश बेलवाल, ऊर्जा निगम के ईई शैलेश बिष्ट, एसडीओ अतुल कुमार, पीएमजीएसवाई के ईई प्रमोद गंगाड़ी, जल संस्थान के मुकेश कुमार, एनपीसीसी के नरेंद्र तोमकियाल तथा जनप्रतिनिधि बलवीर राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील संचालन पर आश्वासन
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि जब तक नियमित व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक थराली तहसील से एक नायब तहसीलदार सप्ताह में दो दिन देवाल में बैठेंगे।
ब्लॉक प्रमुख तेजपाल सिंह रावत और पूर्व छात्र नेता महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि 2016 में देवाल को उप तहसील और 2017 में तहसील का दर्जा दिया गया, किंतु अब तक तहसील संचालन शुरू नहीं हो पाया है। डीएम ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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फरियादियों की भीड़, डीएम देर शाम तक सुनते रहे शिकायतें
तहसील दिवस में फरियादियों की संख्या और ज्वलंत समस्याओं को देखते हुए निर्धारित समय 11 से 2 बजे की बजाय जिलाधिकारी गौरव कुमार शाम 5 बजे तक शिकायतें सुनते और निस्तारित करते रहे। उनके साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी लगातार उपस्थित रहे।
