“अपनी गणना अपने गाँव” : प्रवासी सम्मेलन से उठी जनजागरण की पुकार
-By Usha Rawat
देहरादून, 5 नवम्बर। उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर बुधवार को राजधानी देहरादून में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में एक अनुकरणीय अपील “अपनी गणना, अपने गाँव” के रूप में प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच बाँटी जाएगी। इस जन-जागरूकता मुहिम का नेतृत्व वरिष्ठ समाजसेवी जोतसिंह बिष्ट कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य आगामी जनगणना में प्रवासी उत्तराखंडियों को अपने मूल गाँवों में अपनी गणना करवाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और विकास बजट सुरक्षित रह सके।

अपील में कहा गया है कि राज्य निर्माण के बाद 1971 की जनसंख्या के आधार पर 70 विधानसभा सीटों का जो परिसीमन हुआ था, उसमें 9 पर्वतीय जिलों को 40 और 4 मैदानी जिलों को 30 सीटें आवंटित की गई थीं। किंतु 2001 की जनगणना के आधार पर हुए दूसरे परिसीमन में पर्वतीय जिलों की सीटें घटकर 34 और मैदानी जिलों की बढ़कर 36 हो गईं। अब आगामी 2027 के परिसीमन में यदि यह जनसंख्या असंतुलन और गहराया, तो 9 पर्वतीय जिलों की सीटें घटकर 25 तथा 4 मैदानी जिलों की बढ़कर 45 तक पहुँच सकती हैं।
अपील में चेताया गया है कि इससे पहाड़ के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भारी कमी आएगी और जनसंख्या आधारित बजट आवंटन घटने से विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसीलिए अभियान के संयोजक जोतसिंह बिष्ट ने सभी प्रवासी उत्तराखंडियों से आग्रह किया है कि वे आगामी जनगणना में अपने-अपने गाँव लौटकर अपनी गणना अपने गाँव में करवाएँ, ताकि पहाड़ की आवाज कमजोर न पड़े और विकास योजनाओं में उसका उचित हिस्सा बना रहे।
बिष्ट ने कहा कि यह पहल केवल आँकड़ों की गणना नहीं, बल्कि राज्य निर्माण की भावना को जीवित रखने और संतुलित विकास सुनिश्चित करने का प्रयास है। उन्होंने प्रवासी बंधुओं से अपील की कि वे अपने परिवारों व परिचितों को भी इस अभियान से जोड़ें और अपने गाँवों में जाकर जनगणना में भाग लें।
इस मुहिम में डॉ. आर.पी. रतूड़ी, मथुरा दत्त जोशी, जय सिंह रावत, बिजेन्द्र सिंह रावत, शीशपाल गुसाईं और पुष्कर सिंह नेगी सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रवासी सम्मेलन में उपस्थित उत्तराखंडियों ने इस जनजागरण अभियान का समर्थन करते हुए संकल्प लिया कि वे आगामी जनगणना में अपने गाँवों की गणना में भाग लेकर राज्य के विकास में अपना योगदान देंगे।

