गौचर के बंदरखंड में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन

गौचर, 5 नवंबर (गुसाईं)/)। नगर पालिका क्षेत्र के बंदरखंड में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण के साथ विधिवत समापन हो गया।
बंदरखंड निवासी रूक्मणी देवी भंडारी ने अपने स्वर्गीय पति केशर सिंह भंडारी और सौतन स्वर्गीय दरशनी देवी की पुण्य स्मृति में यह कथा आयोजित की थी। कथा का शुभारंभ 29 अक्टूबर को हुआ था। सात दिनों तक चली इस धार्मिक कथा में क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मंगलवार को आयोजित जल कलश यात्रा में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक पंडित राजेन्द्र प्रसाद पुरोहित ने कहा कि पुरुषार्थ से मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है, किंतु भागवत कथा और यज्ञ का आयोजन केवल भगवान की कृपा से ही संभव होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान की जीवनगाथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में पवित्रता आती है और दिवंगत आत्मा को शांति प्राप्त होती है। कथा श्रवण से व्यक्ति अपने दुखों और क्लेशों से मुक्त होता है।
पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान का कार्य पंडित संजय देवली और कमलेश थपलियाल ने संपन्न कराया। इस अवसर पर रूक्मणी देवी के ज्येष्ठ पुत्र रमेश सिंह भंडारी, महेश सिंह भंडारी, दिनेश सिंह भंडारी, पूरण सिंह भंडारी सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने कथा आयोजन में सहयोग दिया।
