भराड़ी देवी व संगील नाग मंदिरों के कपाट शीतकाल के लिए बंद
– हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
थराली/देवाल, 6 नवंबर। जिला चमोली के सबसे बड़े और सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ स्थित मां भराड़ेश्वरी मंदिर तथा ग्वीला गांव स्थित संगील नाग मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
कपाट बंद करने की प्रक्रिया प्रातःकाल से ही शुरू हुई। मंदिरों में पारंपरिक रीति से हवन-यज्ञ और पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान सवाड़, ग्वीला, लौसरी समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और मां भराड़ी देवी एवं संगील नाग देवता के समक्ष मनौतियां मांगीं।

कार्यक्रम के दौरान सवाड़ ग्राम प्रधान आशा धपोला, जिला पंचायत सदस्य बलवीर राम, क्षेपंस दलवीर राम, सैनिक मेला समिति के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट, एसबीआई देवाल के शाखा प्रबंधक राजेश नेगी, चमोली जिला सहकारी बैंक के देवाल शाखा प्रबंधक मुकेश पाठक, धन सिंह धपोला, भरत सिंह बिहारी, दर्शन धपोला, महिपाल बिष्ट, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, उपप्रधान प्रमोद धपोला, केदार सिंह मेहरा, महिला मंगल दल की अध्यक्ष बसंती मेहरा, मंदिर समिति अध्यक्ष त्रिलोक सिंह दानू और राजेंद्र भंडारी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया पंडित गिरीश मिश्रा के सान्निध्य में सम्पन्न हुई।
इसी अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, देवाल शाखा के प्रबंधक राजेश नेगी ने सवाड़ स्थित सैनिक संग्रहालय को बैंक की ओर से सैनिकों, पूर्व सैनिकों और आगंतुकों के बैठने हेतु आरामदायक कुर्सियाँ भेंट कीं। ग्रामीणों ने बैंक प्रबंधन और शाखा प्रबंधक का आभार व्यक्त किया।
