रजत जयंती रैतिक परेड में हुयी 11 महत्वपूर्ण घोषणाएं
- राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने ली रैतिक परेड की सलामी
- महत्वपूर्ण घोषणाओं में कृषि सर्वेक्षण, साइबर सेंटर, ड्रग फ्री देवभूमि, केदारखण्ड माला मिशन और आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद शामिल
- 08 महानुभावों को राज्य गौरव सम्मान से किया गया सम्मानित

देहरादून, 07 नवम्बर। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभाग किया।
राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस अवसर पर “उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025” का विमोचन और रजत जयंती पदक का अनावरण किया गया। परेड में पुलिस के साहसिक प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री की 11 घोषणाएँ
राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास की नई दिशा तय करते हुए निम्न 11 घोषणाएँ कीं—
1. प्रदेश की सम्पूर्ण कृषि भूमि का आगामी पाँच वर्षों में फेजवाइज सर्वेक्षण कर बंदोबस्त कराया जाएगा।
2. साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।
3. ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान को सशक्त बनाने हेतु एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा।
4. भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।
5. फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी ताकि जंगली और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा हो सके।
6. पारंपरिक धारे, नौले व जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण हेतु विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ होगी।
7. उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज और सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, मैनेजमेंट, नेट आदि परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग सुविधा दी जाएगी।
8. मानसखण्ड माला मिशन की तर्ज पर केदारखण्ड माला मिशन विकसित किया जाएगा।
9. आदर्श चम्पावत की भाँति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास किया जाएगा।
10. शारदा कॉरिडोर, आदि कैलाश, अंजनीसैण और बेलाकेदार क्षेत्रों को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
11. प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक स्थापित होंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग निःशुल्क की जाएगी।

राज्यपाल का सम्बोधन
राज्यपाल ने रजत जयंती समारोह की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह राज्य के 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जैसे स्वदेशी के मंत्र से देश को स्वतंत्रता मिली, वैसे ही मेड इन इंडिया वस्तुएँ अपनाना आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा मंत्र है।
राज्यपाल ने युवाओं से तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अग्रणी बनने का आह्वान किया ताकि विकसित उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 का संकल्प साकार हो सके।
राज्य गौरव सम्मान-2025
समारोह में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने 08 महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 से अलंकृत किया —
पद्मश्री जसपाल राणा, देव रतूड़ी, स्व. टॉम ऑल्टर, स्व. सुशीला बलूनी, स्व. गौरा देवी, स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, स्व. तीलू रौतेली और स्व. शैलेश मटियानी।
गैरहाजिर विभूतियों की ओर से उनके परिजनों ने सम्मान ग्रहण किया।
