आपदा/दुर्घटना

जोशीमठ में शुरू हुए ट्रीटमेंट कार्य, तीन वर्षों बाद जगी उम्मीद

 

ज्योतिर्मठ, 8 नवंबर (कपरूवाण)। भू-धसाव से प्रभावित जोशीमठ में लगभग तीन वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार ट्रीटमेंट कार्य शुरू हो गए हैं। शनिवार को जोशीमठ की तलहटी में अलकनंदा नदी के बाईं ओर सुरक्षा दीवार निर्माण और स्लाइड ट्रीटमेंट कार्यों की शुरुआत भूमि पूजन के साथ की गई। भूमि पूजन कार्यदायी संस्था अरुण कंस्ट्रक्शन द्वारा संपन्न कराया गया।

जनवरी 2023 में हुए भीषण भू-धसाव के बाद से ही जोशीमठ को बचाने के लिए ट्रीटमेंट कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन और वार्ताएं होती रही थीं। अब करीब तीन वर्षों के अंतराल के बाद कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।

सिंचाई विभाग उत्तराखंड की देखरेख में किए जा रहे इन कार्यों के तहत जोशीमठ की तलहटी, मारवाड़ी से लेकर विष्णुप्रयाग घाट तक लगभग 613 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्रों में लैंड स्लाइड ट्रीटमेंट का प्रथम चरण भी शुरू किया गया है।

शनिवार को आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता धीरज डिमरी, सहायक अभियंता मनोज असवाल, मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, सचिव समीर डिमरी, उपाध्यक्ष प्रकाश नेगी, संरक्षक भगवती प्रसाद नंबूरी, सुभाष डिमरी, अनिल सकलानी, देव पूजाई समिति जोशीमठ के अध्यक्ष अनिल नंबूरी, उपाध्यक्ष प्रकाश सती, कोषाध्यक्ष आशीष सती, सिंचाई विभाग के अवर सहायक अभियंता संजय पुरोहित, हरेन्द्र कुमार, अमित कुमार, तथा कार्यदायी संस्था के इंद्रजीत शर्मा, खिलेन्द्र चौधरी और विजय सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

भूमि पूजन एवं हवन का विधिवत संपादन पंडित अमन सेमवाल द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!