सुरक्षा

भारतीय वायु सेना के रोमांचकारी हवाई करतबों ने गुवाहाटी के आसमान को मंत्रमुग्ध कर दिया

The Indian Air Force (IAF) celebrated 93rd Anniversary with a historic air show at Lachit Ghat, in Guwahati on November 09, 2025.

 

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने अपनी 93वीं वर्षगांठ के समारोह को जारी रखते हुए 09 नवंबर, 2025 को गुवाहाटी में गौरवमयी ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर एक मनमोहक एवं रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन किया। असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य इस भव्य आयोजन के मुख्य अतिथि थे। अन्य विशिष्ट मेहमानों में असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह, पूर्वी वायु कमान के एओसी-इन-सी एयर मार्शल सूरत सिंह सहित भारतीय वायु सेना तथा राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

The Indian Air Force (IAF) celebrated 93rd Anniversary with a historic air show at Lachit Ghat, in Guwahati on November 09, 2025.

हवाई प्रदर्शन में इस वर्ष के समारोह की विषय-वस्तु को भव्य रूप में दर्शाया गया: “अचूक, अभेद्य व सटीक”

लासित घाट के पास से उड़ान भरते लड़ाकू एवं परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टर की शानदार श्रृंखला ने गुवाहाटी के आसमान को रोमांच व गौरव से भर दिया। इस प्रभावशाली हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों, परिवहन विमानों और लड़ाकू जहाजों की विविध क्षमता के साथ विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित हुई। कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में तेजस, अपाचे, सी-295 और हॉक्स विमान शामिल थे, जो भारत की तकनीकी उत्कृष्टता तथा राष्ट्रीय लचीलेपन के प्रतीक हैं। वहीं, हार्वर्ड, सुखोई-30 और राफेल विमान ने अपने रोमांचक व कम ऊंचाई के हवाई करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रदर्शन का समापन सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की मनोहारी समन्वित प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति एवं उत्साह से सराबोर कर दिया।

रोमांचकारी हवाई करतबों ने दर्शकों, विशेष रूप से पूर्वोत्तर के युवाओं के मन पर गहरी और अमिट छाप छोड़ी। साहस, कौशल और अनुशासन से भरपूर इस प्रदर्शन ने युवा पीढ़ी को मुख्य रूप से प्रेरित किया। नीली वर्दी में सुसज्जित पुरुष और महिला वायु कर्मियों के अद्भुत समन्वय ने न केवल गर्व की भावना जगाई, बल्कि अनेक युवाओं के मन में भारतीय वायु सेना में करियर बनाने तथा राष्ट्र सेवा में योगदान देने का भाव भी सृजित किया।

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