पोखरी तहसील: सत्ता के केंद्रों से जुड़ी होने के बावजूद प्रशासनिक उपेक्षा की शिकार
-राजेश्वरी राणा की रिपोर्ट –
पोखरी, 14 नवंबर। विडंबना ही है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी और बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला—इन तीनों की गृह तहसील पोखरी आज उन बुनियादी प्रशासनिक व्यवस्थाओं से भी वंचित है, जो हर सामान्य नागरिक का अधिकार हैं। दशकों की जनसंघर्ष के बाद वर्ष 1998 में अस्तित्व में आई यह तहसील आज भी प्रभारियों के भरोसे चल रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार—तीनों पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
उपजिलाधिकारी का प्रभार चमोली के एसडीएम के पास है, जबकि तहसीलदार का कार्यभार कर्णप्रयाग की तहसीलदार देख रही हैं। दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यभार की अधिकता के कारण व्यस्त रहते हैं, परिणामस्वरूप पोखरी तहसील का कामकाज ‘समय मिलने पर’ जैसी मानसिकता पर निर्भर हो गया है।
प्रशासनिक अनुपस्थितता का सबसे बड़ा असर आम जनता पर पड़ रहा है। 72 ग्राम पंचायतों और एक नगर पंचायत की आबादी अपने रोजमर्रा के कामों के लिए तहसील कार्यालय पर निर्भर है, लेकिन जाति, मूल निवास, हैसियत और चरित्र प्रमाणपत्र जैसी अनिवार्य सेवाएँ महीनों तक लंबित पड़ी रहती हैं। दाखिल–खारिज, खाता–खतौनी जैसी प्रक्रियाओं के लिए लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विडंबना यह है कि यह सब तब हो रहा है जब शासन ‘ई-गवर्नेंस’ और ‘सुशासन’ का दावा करता है। प्रतिनिधि सत्ता के करीब हैं, लेकिन ज़मीन से दूर; नतीजतन आम जनता लगातार परेशान हो रही है। अधिकारी आते जाते रहते हैं, पर जवाबदेही किसी की नहीं।
पोखरी तहसील में पिछले कई वर्षों से अधिकारियों की तैनाती ताश के पत्तों की तरह बदलती रही है। सिफारिश आधारित मनचाही पोस्टिंग का चलन प्रशासनिक ढाँचे में स्थिरता और जवाबदेही—दोनों के अभाव को उजागर करता है। हाल ही में उपजिलाधिकारी के स्थानांतरण और तहसीलदार के सेवानिवृत्त होने ने इस अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
तहसील में इस अव्यवस्था को लेकर राज्य महिला आयोग की सदस्य वत्सला सती, थालाबैड वार्ड की जिला पंचायत सदस्य एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह राणा, प्रमुख राजी देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष सोहनलाल, पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत, प्रीति भंडारी, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, कांग्रेस ब्लॉक संरक्षक कुंवर सिंह चौधरी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र नेगी, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष राधारानी रावत, भाजपा नगर अध्यक्ष अमर सिंह रावत, टी.पी. सती, रमेश चौधरी, संतोष चौधरी, द्वारिका प्रसाद थपलियाल, महेंद्र पंत, विष्णु प्रसाद चमोला, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, बीरेंद्र पाल सिंह भंडारी, हर्षवर्धन चौहान, एडवोकेट श्रवण सती, एडवोकेट देवेंद्र राणा, एडवोकेट देवेंद्र बर्तवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से तीनों रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियाँ करने की मांग की है।
