भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का रजतपट से आगे विस्तार
FFIESTA 2025 is set to be more than just a festival, it will serve as a reminder of the magic that is unleashed when people, art, and stories meet. Over four nights in Goa, music will become memory, performances will turn into participation, and every applause will carry the warmth of shared joy. It will capture the essence of celebration that belongs to everyone- inclusive, spontaneous, and deeply human. Powered by the vision of Doordarshan and the creative pathways built by WAVES Culturals & Concerts, the festival will redefine what it means to experience culture. It will serve as a reminder that art doesn’t reside only in concert halls or studios – it lives and breathes wherever people come together to celebrate it. From a young artist’s first note to a maestro’s timeless performance, IFFIESTA will echo the emotions and boundless creative energy that defines India.
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गोवा में इस नवंबर में आयोजित भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) सिर्फ फिल्मों के प्रदर्शन तक सिमटा हुआ नहीं होगा। महोत्सव के दौरान एक समग्र सांस्कृतिक समारोह भी आयोजित किया जाएगा। राष्ट्र के इस सबसे लोकप्रिय फिल्म समारोह में एक नया आयाम जोड़ते हुए इफिएस्टा की शुरुआत की जा रही है। इफिएस्टा संगीत, संस्कृति और जीवंत प्रदर्शनों का बहुरंगी गुलदस्ता होगा। मुख्य समारोह के साथ इस आयोजन से मंच को एक इंद्रधनुषी कलेवर मिलेगा।
इफ्फी के दौरान इफिएस्टा 2025 दूरदर्शन का भारतीय संगीत और संस्कृति की श्रेष्ठता को प्रदर्शित करने वाला एक भव्य आयोजन होगा। 21 से 24 नवंबर तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार एक जीवंत मंच में तब्दील हो जाएगा जिस पर ध्वनि, लय और प्रदर्शनों के जरिए कथाएं उद्घाटित होंगी। वेव्स कल्चरल्स एंड कंसर्ट्स के अंतर्गत रचित इफिएस्टा संगीतकारों, कलाकारों और दर्शकों को एक ऐसे अनुभव में एकजुट करेगा जो कला के साथ भारत के शाश्वत संबंध का जश्न है।

इफिएस्टा में हर शाम का एक अलग रंग होगा। कुछ रातें कोमल होंगी जिनमें अतीत की यादों को जगाने वाली परिचित धुनें गूंजेंगी। बाकी रातों पर रंगों और मुद्राओं का राज होगा और नौजवान कलाकार रचनात्मकता को पुनर्परिभाषित करने वाली पीढ़ी के आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतरेंगे। शास्त्रीय रागों की कोमलता से लेकर आधुनिक धुनों की धड़कन तक इफिएस्टा भारत के विविधतापूर्ण, गतिशील और अत्यंत भावुक मर्म को अपने में समेटे होगा। इसके साथ ही इसमें भारत की बढ़ती रचनात्मक और जीवंत अर्थव्यवस्था भी प्रतिध्वनित होगी। यह एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जिसमें कला, नवोन्मेष और उद्यम मिल कर प्रदर्शनों के साथ संभावनाओं को भी गढ़ते हैं।
इफिएस्टा का नाता संगीत और रोशनी से आगे बढ़ कर सीधे दर्शकों से है। इसका संबंध एक स्वर में गाने वाले समूह, सूरज ढलने के बाद साथ आने वाले परिवारों और धुन के साथ एकाकार हो जाने वाले अजनबियों से है। यह याद दिलाता है कि संगीत सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यह दिलों को जोड़ता, सरहदों को तोड़ता और हर श्रोता को जुड़ाव की वजह देता है।

संगीतमय जादू के चार दिन
इफिएस्टा 2025 चार अविस्मरणीय शामों में आयोजित किया जायेगा। इसमें हरेक की अपनी लय और अलग मिज़ाज होगा। हरेक शाम का संचालन एक सेलिब्रिटी द्वारा किया जाएगा और सारेगामा में प्रस्तुत एक विशेष अतिथि गायक भी इसमें शामिल होगा। इस कार्यक्रम में ऊर्जा का संचार, शिल्प और उत्सव का एक सतत प्रवाह होगा, जिसमें कोई भी शामिल होकर खुद को इसका हिस्सा बनकर महसूस कर सकता है। सारेगामा, एमजे फिल्म्स और दिल्ली घराने के सहयोग से प्रस्तुत यह महोत्सव भारत की बेहतरीन आवाज़ों, संगीतकारों और कहानीकारों को एक रंगीन मंच पर एक साथ लाएगा जो देश की रचनात्मक विविधता और एकजुटता की भावना का प्रतिबिंब है और इफिएस्टा के पीछे भी यही भावना है।
स्थान: श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार, गोवा समय: शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
| दिनांक | कार्यक्रम | प्रवेश |
| 21 नवंबर 2025 (शुक्रवार) | ओशो जैन — लाइव कॉन्सर्ट | निःशुल्क प्रवेश |
| 22 नवंबर 2025 (शनिवार) | फेस्टिवल शोकेस: बैटल ऑफ बैंड्स (भारत और अंतर्राष्ट्रीय), सुरों का एकलव्य, वाह उस्ताद | निःशुल्क प्रवेश |
| 23 नवंबर 2025 (रविवार) | फेस्टिवल शोकेस: बैटल ऑफ बैंड्स (भारत और अंतर्राष्ट्रीय), सुरों का एकलव्य, वाह उस्ताद, देवांचल की प्रेम कथा (विशेष प्रदर्शन) | निःशुल्क प्रवेश |
| 24 नवंबर 2025 (सोमवार) | फेस्टिवल शोकेस: बैटल ऑफ बैंड्स (भारत और अंतर्राष्ट्रीय), सुरों का एकलव्य, वाह उस्ताद | निःशुल्क प्रवेश |

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
नए भारत का सृजनात्मक मिज़ाज
इफिएस्टा के केंद्र में एक ऐसा आंदोलन है जो भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य को बदल रहा है—”रचनात्मकता और जीवंत अर्थव्यवस्था” का उदय। इफिएस्टा एक ऐसा मंच है जो एक महोत्सव के आयोजन से कहीं बढ़कर है, यहाँ रचनात्मकता को कई अवसर मिल सकते हैं और यह महोत्सव कलाकारों, दर्शकों और उद्योग को एक ऐसे मंच पर लाता है जहाँ प्रतिभा और नवोन्मेष का समारोह देखने को मिलता है।
इस दृष्टिकोण की नींव वेव्स कल्चरल्स एंड कॉन्सर्ट्स में निहित है, एक ऐसी पहल जिसने कलात्मक सहयोग और सांस्कृतिक उद्यमिता के नए रूपों का मार्ग प्रशस्त किया है। व्यापक विश्व श्रव्य-दृश्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) मंच के अंतर्गत, यह महोत्सव भारत को एक ऐसे वैश्विक रचनात्मक केंद्र के रूप में उभरने को बढ़ावा देता है जहाँ सीमाओं के पार रचनाकार, उद्योग और दर्शक एक दूसरे से जुड़ते हैं।
‘वेव्स’ कल्चरल्स एंड कॉन्सर्ट्स बड़े पैमाने पर आयोजित कार्यक्रमों के रूबरू होने का अनुभवों, प्रतिभाओं को निखारकर उन्हें जमीन से उठाकर दुनिया के सामने लाने और भारतीय कलात्मकता की विविधता को प्रदर्शित करने में, भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था के निर्माण में मदद कर रहा है। कॉन्सर्ट और प्रतियोगिताओं से लेकर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तक, यह कलात्मक उत्कृष्टता और आर्थिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देता है जिसमें संगीतकारों, कलाकारों और प्रोडक्शन पेशेवरों, सभी को एक मजबूत परिवेश मिलता है।
इस निरंतरता में इफिएस्टा इस व्यापक आंदोलन की जन अभिव्यक्ति के रूप में खड़ा है। यह दर्शाता है कि कैसे रचनात्मकता से जुड़ाव पैदा होता है और कैसे जीवंत अनुभव न केवल तालियाँ बल्कि आजीविका का साधन भी उत्पन्न करते हैं। संस्कृति, संगीत और प्रदर्शनों की इन चार रातों में व्यापक राष्ट्रीय भावना प्रतिध्वनित होगी जहाँ संस्कृति को न केवल संरक्षित किया जाएगा बल्कि भागीदारी, नवोन्मेष और साझा समारोह के जरिये उसे आगे बढ़ाया जाएगा।
गूंज जो सुनाई देती रहेगी
इफिएस्टा 2025 सिर्फ़ एक महोत्सव नहीं है उससे कहीं बढ़कर है यह उस जादू की याद दिलाएगा जो लोगों, कला और कहानियों के मिलन से उपजता है। चार रातों तक गोवा संगीत में समा जाएगा, देखने वाले प्रस्तुतियों का हिस्सा बन जायेंगे और हर ताली साझा आनंद की गर्माहट को समेटे होगी। यह महोत्सव सभी का है जो सहज सम्मिलित और मानवीयता से गहराई से जुड़ा हुआ है।
दूरदर्शन की परिकल्पना और वेव्स कल्चरल्स एंड कॉन्सर्ट्स द्वारा निर्मित और रचनात्मकता से संचालित, यह महोत्सव संस्कृति के अनुभव को नए सिरे से परिभाषित करेगा। यह याद दिलाएगा कि कला केवल कॉन्सर्ट हॉल या स्टूडियो में ही नहीं रहती यह वहाँ भी जीवित रहती है और साँस लेती है जहाँ लोग इसका जश्न मनाने के लिए इकठ्ठा हो जाते हैं। एक युवा कलाकार के पहले सुर से लेकर एक उस्ताद के कालातीत प्रदर्शन तक, इफिएस्टा उन भावनाओं और असीम रचनात्मक ऊर्जा को प्रतिध्वनित करेगा जो भारत को परिभाषित करती हैं।
