AI किसकी नौकरी खाएगा?
पिछले हफ़्ते मैंने पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार Dawn की clip शेयर की थी. अख़बार में गाड़ियों की बिक्री की ख़बर छपी थी. आख़िर में ChatGPT स्टाइल में यह Prompt भी छप गया कि यह ख़बर फ़्रंट पेज के लिए बना दूँ क्या? दो संभावना है. ChatGPT को प्रेस नोट देकर कॉपी लिखने के लिए कहा गया होगा या फिर किसी रिपोर्टर की कॉपी डेस्क ने एडिट करने के लिए डाली होगी. अख़बार का मजाक उड़ा. हिसाब किताब में चर्चा नौकरी में AI के बारे में. हमारा साथी बनेगा या नौकरी खा जाएगा?
EY ने भारत में नौकरियों पर AI के असर को लेकर रिपोर्ट बनाई है. यह रिपोर्ट कहती है कि पाँच साल में क़रीब चार करोड़ (38 मिलियन) नौकरियाँ बदल जाएगी मतलब ये लोग जैसा काम आज कर रहे हैं वैसा आने वाले समय में नहीं रह जाएगा. तीन सेक्टर में सबसे ज़्यादा असर होगा. रिटेल, फ़ाइनेंस और IT में बदलाव सबसे पहले देखने मिल सकता है.
मैंने ChatGPT से ही पूछा कि किस तरह की नौकरियाँ जा सकती है और किसकी बच सकती है. यह आकलन अलग-अलग रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर किया गया है जैसे नीति आयोग, Microsoft और EY
किसकी नौकरी ख़तरे में
कस्टमर केयर– कस्टमर के सवालों का जवाब देने वाले कॉल सेंटर की जगह AI तेज़ी ले रहा है. आपका ऑर्डर कहीं लेट हो गया या ग़लत डिलीवरी हो गई तो सबसे पहले Chat bot ही सवाल जवाब करता है. ज़रूरत पड़ने पर ही कोई फ़ोन पर आकर बात करता है. कंपनियों के पास अमूमन एक जैसी शिकायतें आती हैं उसका निदान भी पता है. AI को ट्रेनिंग देकर काम कराया जा रहा है.
डेटा एंट्री ऑपरेटर– डेटा भरने के लिए अब व्यक्तियों की ज़रूरत नहीं रह गई है. अकाउंटिंग क्लर्क का बेसिक काम AI कर रहा है. आने वाले समय में यह बेहतर होता जाएगा. पहले बही खाते में हिसाब लिखा जाता था. फिर कम्प्यूटर में इसकी एंट्री होने लगी. इस काम के लिए लोग रखे गए, अब कम्प्यूटर यह काम खुद कर सकता है.
