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उत्तराखंड में नशामुक्त अभियान :3 वर्ष में 6,000 से अधिक आरोपी पकड़े, 200 करोड़ की ड्रग्स बरामद

देहरादून, 18 नवंबर। नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2022 में गठित त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने पिछले तीन वर्षों में 6,000 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स (IRCA) संचालित हो रहे हैं, जो नशा पीड़ितों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं।

इसके साथ ही AIIMS ऋषिकेश की सहायता से एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) भी चलाई जा रही है।

प्रदेश के सभी जनपदों में स्कूल-कॉलेज स्तर पर एंटी-ड्रग कमेटियाँ बनाई गई हैं, जिनमें छात्र, अभिभावक, शिक्षक और प्रधानाचार्य शामिल हैं। सरकार ने नशा मुक्ति को सामाजिक अभियान का रूप देने के लिए उत्तराखंड की पारंपरिक ‘ऐपण’ कला को भी जोड़ा है, जिसके माध्यम से नशा-विरोधी संदेश शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। युवाओं की सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘दगड़िया क्लब’ भी बनाए गए है

मुख्यमंत्री का संबोधन और युवाओं से अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशामुक्त भारत अभियान के पाँच वर्ष पूर्ण होने पर सभी कर्मवीरों और सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज की चेतना, विवेक और भविष्य को नष्ट करने वाली भयावह चुनौती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर नशे का प्रसार एक “साइलेंट वॉर” की तरह है, जिसका सबसे बड़ा निशाना युवा पीढ़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2020 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशामुक्त भारत अभियान शुरू करते हुए इसे जन-आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” के संकल्प को मिशन मोड में पूरा कर रही है। नशा रोकथाम, उपचार और पुनर्वास—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं भी नशे को “ना” कहें और अपने साथियों को भी जागरूक करें।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प तभी सफल होगा, जब युवा पीढ़ी अपनी पूरी ऊर्जा के साथ नशे से दूर रहकर राज्य के विकास में सहभागी बने।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई और स्कूल-कॉलेजों में आयोजित राज्य स्तरीय भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

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