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AI का बुलबुला फटेगा?

–MILIND KHANDEKAR-

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ( AI) की दुनिया में Google ने पिछले हफ़्ते बड़ा धमाका किया. AI मॉडल Gemini 3 लांच किया. यह मॉडल कई मायनों में ChatGPT से बेहतर बताया जा रहा है. मैं अभी भी इसको चलाना सीख रहा हूँ, इसलिए Gemini के बारे में आगे लिखूँगा. AI को लेकर इस हफ़्ते एक और चर्चा तेज हो गई कि क्या यह बुलबुला है? ये बुलबुला भी 25 साल पहले फटे डॉट कॉम बबल की तरह फटेगा और शेयर मार्केट को लेकर डूबेगा.

AI बबल की चर्चा पिछले साल भर से होती रही है लेकिन हाल में इसने ज़ोर पकड़ा क्योंकि गूगल के सुंदर पिचाई, Open AI के फाउंडर सैम अल्टमैन और माइक्रोसॉफ़्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने बयान दिए हैं. उनका सार है कि इनवेस्टर्स AI कंपनियों को लेकर कुछ ज़्यादा ही उत्साहित हैं.इस कारण Valuation यानी शेयरों की क़ीमत बहुत बढ़ गई है. यह बुलबुला हो सकता है.

बुलबुले यानी बबल को लेकर अलग-अलग चेतावनी दी जा रही है. बैंक ऑफ इंग्लैंड ने पिछले महीने शेयर बाज़ार में AI शेयरों को लेकर चिंता जताई थी कि यह डॉट कॉम की तरह फट सकता है. JP Morgan की रिपोर्ट में कहा गया कि AI में जितना इन्वेस्टमेंट हो रहा है उसका रिटर्न सालाना 10% भी रखना है तो हर साल 650 बिलियन डॉलर की कमाई करनी होगी. अभी सबसे बड़ी Generative AI कंपनी Open AI की आय क़रीब 10 बिलियन डॉलर है. हम पहले बता चुके हैं कि AI को काम करने के लिए बड़े बड़े डेटा सेंटर्स की ज़रूरत है. इनका काम तकनीकी भाषा में Compute करना है या यूँ कहें कि जो काम AI को दिया गया है उसको पूरा करने के लिए यह गणना  डेटा सेंटर्स में होती है.

डेटा सेंटर्स में Compute का काम GPU या Graphic Processing Unit करता है. GPU बाज़ार पर 90% क़ब्ज़ा NVIDIA का है. पिछले हफ़्ते शेयर बाज़ार की नज़र उसके रिज़ल्ट पर थी. NVIDIA की चिप्स की बिक्री ज़बरदस्त बढ़ रही है. पिछले क्वार्टर में उसका मुनाफा 32 बिलियन डॉलर हुआ है. पिछले साल इसी अवधि के मुक़ाबले 65% ज़्यादा है. इसके शेयरों की क़ीमत हाल में 5 ट्रिलियन डॉलर पार कर गई थी. यह दुनिया की सबसे क़ीमती कंपनी बन गई है. अच्छे रिज़ल्ट के बाद भी NVIDIA के शेयरों में गिरावट हुई है. बाज़ार में डर बना हुआ है कि कहीं AI बुलबुला सबको ना डूबा दें जैसे डॉट कॉम में हुआ था. अमेरिका के शेयर बाज़ार में Magnificent 7 के नाम से मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी के शेयरों की क़ीमत कुल बाज़ार के क़रीब 36% है. इसमें Apple, Microsoft, Google, Meta , Tesla शामिल है. अमेरिकी शेयर बाज़ार में पिछले साल भर में जो फ़ायदा हुआ है उसका आधे से ज़्यादा हिस्सा इन कंपनियों का है. यह गिरेंगे तो बाक़ी बाज़ार पर भी असर पड़ सकता है.

तो फिर हम क्या करें ? JP Morgan के CEO जैमी डायमन कहते हैं कि बाज़ार में बुलबुला है, कई लोगों को नुक़सान होगा लेकिन AI टेक्नोलॉजी ठीक है. यह बात सुंदर पिचई भी कह रहे हैं कि डॉट कॉम बबल फूट गया था मगर इंटरनेट बच गया बल्कि दुनिया को बदल दिया. यही संभावना AI के साथ है जब बिजली और रेल आई थी तब भी शेयर बाज़ार में बुलबुला था. यह फूटा भी लेकिन ट्रेन और बिजली आज भी चल रही है.

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