नागनाथ पोखरी महाविद्यालय में संविधान दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ एवं युवा संसद का भव्य आयोजन

–राजेश्वरी राणा की रिपोर्ट –
पोखरी 27 नवंबर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में संविधान दिवस के अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम—‘राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्)’ पाठ एवं युवा संसद—सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। इन आयोजनों का उद्देश्य छात्रों में संविधान की समझ, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जानकारी तथा देशभक्ति की भावना को प्रबल करना था। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक दोनों कार्यक्रमों में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम से हुई। असिस्टेंट प्रोफेसर रामानंद उनियाल ने राष्ट्रीय गीत का सार्वभौमिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए उसमें निहित देशभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और भावनात्मक मूल्यों को विस्तार से समझाया। विभागाध्यक्ष डॉ. शाजिया सिद्दकी ने संविधान के महत्व पर सारगर्भित व्याख्यान दिया, जबकि वरिष्ठ प्राध्यापक एवं मुख्य अधिष्ठाता डॉ. संजीव कुमार जुयाल ने स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीटा शर्मा ने संविधान की महत्ता और राष्ट्रगीत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए छात्रों से देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने तथा सामाजिक उत्तरदायित्वों का ईमानदारी से पालन करने का आह्वान किया।
इसके बाद राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में युवा संसद का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने लोकसभा की कार्यप्रणाली का यथार्थपूर्ण अनुकरण प्रस्तुत किया। युवा संसद का गठन लोकसभा की तर्ज पर किया गया, जिसमें कु. वर्षा को लोकसभा अध्यक्ष, कु. अर्चना को प्रधानमंत्री और शिवम को गृहमंत्री की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। अन्य छात्रों ने वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। आदर्श को नेता प्रतिपक्ष तथा कु. अंजलि को उपनेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया।
वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से शुरू हुई सदन की कार्यवाही में नव-निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल का परिचय देते हुए विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने पुलवामा हमले में खुफिया तंत्र की भूमिका, बढ़ते आतंकी हमलों, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएँ, खेल सुविधाएँ, सड़क दुर्घटनाएँ, शिक्षा कर तथा जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
सरकार की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सुरक्षा प्रयास, “खेलो भारत-खेलो गांव” योजना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी हेतु उठाए गए कदम, शिक्षा पर शून्य प्रतिशत जीएसटी, छात्रवृत्ति योजनाएँ, एनईपी 2020 के प्रावधान तथा जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु जीआईएस मैपिंग व नाइट विज़न कैमरों की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने सीसीटीवी कैमरों के व्यापक उपयोग, राष्ट्रीय सुरक्षा में आधुनिक तकनीक अपनाने, वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका तथा महिला आरक्षण पर सरकार के रुख को भी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार जुयाल ने युवा संसद के सफल आयोजन की सराहना करते हुए पोखरी क्षेत्र में भालुओं के बढ़ते आतंक को देखते हुए छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी। प्राचार्या प्रो. रीटा शर्मा ने सदन का शांत और प्रभावी संचालन करने के लिए कु. वर्षा की प्रशंसा की तथा छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को उत्तराखंड में महिलाओं की प्रगति का सशक्त उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. शाजिया सिद्दीकी, महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, छात्रसंघ अध्यक्ष आकाश चमोला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
