क्षेत्रीय समाचार

पोखरी क्षेत्र में जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक, खेती-बाड़ी को भारी नुकसान; वन विभाग ने बढ़ाई रात्रि गस्त

राजेश्वरी राणा की रिपोर्ट –

पोखरी, 28 नवंबर । विकासखंड के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में इन दिनों बंदरों, लंगूरों, जंगली सूअरों और भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र राहत दिलाने की मांग की है।

क्षेत्र के अनेक गाँवों और बाजारों में इन जंगली जानवरों के झुंड पहुँचने से खेती-बाड़ी को भारी नुकसान हो रहा है। गेहूं, जौं जैसी रबी की फसलों के साथ संतरा, नींबू, नारंगी जैसे फलदार पौधों को भी ये जानवर लगातार नुकसान पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर बंदर घरों में घुसकर खाद्य सामग्री उठा ले जा रहे हैं और महिलाओं व बच्चों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। इससे खेती-किसानी के प्रति ग्रामीणों का मोहभंग होता जा रहा है और लोग रोज़गार की तलाश में मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन को मजबूर होते दिख रहे हैं। गाँवों में महिलाओं और बच्चों का अकेले घर से बाहर निकलना कठिन हो गया है। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं।

शाम और सुबह के समय विभिन्न क्षेत्रों में भालू देखे जाने से दहशत और बढ़ गई है।
किमोठा के प्रधान बालब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, कुजासू की प्रधान ममता चौहान, कांड-ई चंद्रशिला के प्रधान भगत भंडारी, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, गजेन्द्र नेगी, गोपाल पंवार, शिवराज सिंह राणा, सुबेदार मातबर सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, तेजपाल बर्तवाल, जीत सिंह बर्तवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों और किसानों ने प्रभागीय वनाधिकारी, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर को ज्ञापन भेजकर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की है।

केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, जिनमें पकड़े गए बंदरों को हरिद्वार भेजा जा रहा है। लंगूरों को भी भगाने की कार्रवाई जारी है। भालू दिखने वाले इलाकों में वन कर्मियों की टीमें रातभर गश्त कर लोगों को सतर्क कर रही हैं। बीती रात पाव, सिनाऊ, पोखरी, मोहनखाल, सौड़ा मगरा, बीणा, खन्नी सहित कई क्षेत्रों में रात्रि गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

वन क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि सुबह-शाम अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएँ। महिलाएँ समूह में ही कार्य के लिए निकलें। भालू दिखने पर शोर मचाएँ और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

रात्रि गश्त टीम में वन दरोगा मदन मोहन सेमवाल, आनंद सिंह रावत, महेशी, ममता, शालिनी, मकर सिंह राणा, अमित मैठाणी, दिनेश सिंह, हरीश चौहान, संदीप कंडारी, देवेंद्र सिंह सहित अनेक वनकर्मी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!