नई पहचान की ओर बढ़ता टिहरी: पर्यटन, एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स का उभरता अंतरराष्ट्रीय केंद्र

गजा/चम्बा, 1 दिसंबर (डीपी उनियाल)। टिहरी में टीएचडीसी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025 का समापन समारोह रविवार को बड़े उत्साह के साथ आयोजित हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, तथा कई जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम में शामिल होते हुए कहा कि यह आयोजन टिहरी झील की अंतरराष्ट्रीय क्षमता को सिद्ध करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को वैश्विक एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह बड़ा कदम है।

सुबोध उनियाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह, दृष्टि और मार्गदर्शन के कारण टिहरी झील सहित प्रदेश के अनेक पर्यटन स्थल आज विश्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन से टिहरी झील ने पिछले कई वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है।
टिहरी लेक फेस्टिवल जैसे कार्यक्रमों ने भी टिहरी को एक उभरते हुए पर्यटन, खेल और साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में मजबूत आधार प्रदान किया है।
समारोह के दौरान टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत, समेत अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
