सवाड़ शहीद मेले में मुख्यमंत्री धामी ने लगायी घोषणाओं की बौछार
-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट –
थराली/देवाल, 7 दिसंबर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वीरभूमि सवाड़ में आयोजित तीन दिवसीय 18वें अमर शहीद सैनिक मेले के उद्घाटन अवसर पर थराली विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 के बाद ग्वालदम–नंदकेशरी–देवाल–वांण–तपोवन जनरल स्टाफ सड़क को लोनिवि से हटाकर बीआरओ के सुपुर्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अमर शहीद सैनिक मेला को राजकीय मेला घोषित करने की भी घोषणा की गई।
इस मंच से मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, आपदा राहत, सड़क निर्माण और खेल सुविधाओं सहित आधा दर्जन से अधिक विकास घोषणाएं करते हुए कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण तथा पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
सैनिकों की वीरगाथा और राष्ट्रीय सुरक्षा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सवाड़ गांव सैनिकों की फैक्ट्री है, जहाँ के वीरों ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, पेशावर कांड, 1965 और 1971 के युद्धों तक देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है—जहाँ कभी भारत छोटे हथियारों के लिए भी विदेशों पर निर्भर था, वहीं आज देश रक्षा उपकरणों का निर्यातक बन रहा है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत की रक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है और कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
100 करोड़ की स्वीकृति से आगे बढ़ेगी राजजात यात्रा की तैयारी
थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 के लिए अब तक 100 करोड़ रुपये की स्वीकृतियाँ जारी हो चुकी हैं और आगामी समय में और वित्तीय स्वीकृतियाँ दी जाएँगी।
उन्होंने कहा कि 2014 में आयोजित राजजात यात्रा के लिए कांग्रेस सरकार ने मात्र 99 लाख रुपये स्वीकृत किए थे, वह भी पूरी तरह खर्च नहीं हो सके थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राजजात को ऐतिहासिक रूप से और सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मेला समिति अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा, और ग्राम प्रधान आशा धपोला ने आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने सैनिक वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।
मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख घोषणाएँ
विधायक भूपाल राम टम्टा और मेला समिति की मांगों पर मुख्यमंत्री ने थराली–देवाल क्षेत्र के लिए निम्नलिखित घोषणाएँ की—
1. मेला व सड़क से संबंधित घोषणाएँ
अमर शहीद सैनिक मेला (सवाड़) को राजकीय मेला घोषित किया जाएगा।ग्वालदम–नंदकेशरी–देवाल–वांण–तपोवन सड़क को 2026 की राजजात यात्रा के बाद लोनिवि से हटाकर बीआरओ को सौंपा जाएगा।
2. स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
- देवाल के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के रूप में विकसित किया जाएगा।
- नारायणबगड़ PHC को सीएचसी के तौर पर अपग्रेड किया जाएगा।
- नंदानगर ब्लॉक के बैरासकुंड में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा।
3. आपदा राहत एवं पुनर्वास
क्षेत्र में आपदा से प्रभावित भवनों और लोगों के पुनर्वास व सहायता के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँगे।
4. सड़क निर्माण परियोजनाएँ
देवाल ब्लॉक के तोरती–रामपुर–गुड्डप से होते हुए कुमाऊँ के कपकोट ब्लॉक के डोला गांव तक नयी मोटर सड़क बनाने की घोषणा।
5. उच्च शिक्षा और खेल सुविधाएँ
राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी, देवाल और नारायणबगड़ में मांग के अनुसार नए विषय खोले जाएँगे।
तलवाड़ी (थराली) और लाखी (नंदानगर) में मिनी स्टेडियम/खेल मैदान बनाए जाएँगे।
देवाल में तीन सप्ताह से जारी आंदोलन—सीएम ने आंदोलनकारियों से की मुलाकात
ग्वालदम–नंदकेशरी–वांण–तपोवन मोटर सड़क को लोनिवि से हटाकर बीआरओ को सौंपने की माँग पर पिछले तीन सप्ताह से देवाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ था।
मुख्यमंत्री धामी ने सैनिक मेला कार्यक्रम में पहुँने से पहले सैनिक स्मृति केंद्र में आंदोलनकारियों से वार्ता की।
पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र बिष्ट और छात्र नेता महावीर बिष्ट ने बताया कि
- लोनिवि सड़क का उचित रखरखाव करने में पूरी तरह असफल रहा है।
- ग्वालदम से तपोवन तक सड़क बनने से क्षेत्र का व्यापक विकास होगा।
- बीआरओ सड़क का बेहतर निर्माण और रख-रखाव करने में सक्षम है।
सीएम ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि वह उनकी बात मंच से सार्वजनिक रूप से रखेंगे। वार्ता के दौरान तेजपाल सिंह रावत (देवाल प्रमुख), दीपक गड़िया (जेष्ठ प्रमुख), पिंकी (कनिष्ठ प्रमुख) सहित आंदोलन के संयोजक मंडल के गोविंद सिंह पांगती, केडी मिश्रा, सुरेंद्र सिंह रावत।
