कुष्ठ रोग से डरें नहीं, बीमारी को समझें, बोले विशेषज्ञ
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑॅफ पैरामेडिकल साइंसेज़ के मेडिकल लैबोरेटरी तकनीक विभाग में सासाकावा-इंडिया लेप्रसी फाउंडेशन की ओर से सत्य का पर्दाफाश-कुष्ठ रोग को समझना पर जागरूकता कार्यक्रम

मुरादबाद, 11 दिसंबर। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑॅफ पैरामेडिकल साइंसेज़ के मेडिकल लैबोरेटरी तकनीक विभाग में सत्य का पर्दाफाश-कुष्ठ रोग को समझना पर जागरूकता कार्यक्रम में जापान के सासाकावा-इंडिया लेप्रसी फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री तंजील खान ने बतौर विशेषज्ञ वक्ता स्टुडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा, कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक होने योग्य बीमारी है, खासकर जब इसे समय पर पहचान लिया जाए। कुष्ठ रोग डरने की बीमारी नहीं, समझने की बीमारी है। सबसे बड़ी चुनौती बैक्टीरिया नहीं, बल्कि इसके इर्द-गिर्द लगे कलंक हैं। इससे पूर्व विशेषज्ञ वक्ता श्री तंजील खान, पैरामेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार, मेडिकल लैबोराटरी तकनीक की एचओडी डॉ. रुचि कांत आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
सासाकावा के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री खान ने कहा, आप स्वास्थ्य प्रणाली का भविष्य हैं। आपकी जागरूकता, सहानुभूति और समाज को शिक्षित करने की इच्छा विकलांगता और भेदभाव को रोक सकती है। सत्र में प्रारंभिक पहचान, प्रयोगशाला निदान और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता रणनीतियों में पैरामेडिकल पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट किया। दो दिनी जागरूकता कार्यक्रम में स्टुडेंट्स को कुष्ठ रोग के वैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं के बारे में लंबे समय से चली आ रही गलत धारणाओं और कलंक से जुड़ी धारणाओं के बारे में अवेयर किया गया। कार्यक्रम में डॉ. शिवशरण सिंह, श्रीमती शिखा पालीवाल, श्री बैजनाथ दास, डॉ. वर्षा राजपूत, सुश्री साक्षी बिष्ट, श्री शिवम अग्रवाल, सुश्री विवेचना, डॉ. पिनाकी अदक, श्री सौरभ सिंह बिष्ट, श्री दीपक कटियार और सुश्री आंशिका श्रीवास्तव के संग-संग बीएमएलटी, बीऑप्टम, बीआरआईटी, बीएफएस के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
