न्यायमूर्ति के सी धूलिया तृतीय निबंध व वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को मिले पुरस्कार

देहरादून, 14 दिसंबर। लिची बाग, देहरादून में रविवार को न्यायमूर्ति केशव चंद्र धूलिया तृतीय निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की विभिन्न विश्वविद्यालयों के विधि छात्र-छात्राओं, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, पूर्व सैन्य अधिकारियों तथा शहर के गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी, पूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उत्तराखंड लोक सेवा न्यायाधिकरण ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। मंच पर वरिष्ठ अधिवक्ता बी.पी. नौटियाल तथा दून विश्वविद्यालय में डॉ. आंबेडकर चेयर प्रोफेसर प्रो. हर्ष दोभाल भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने अपने संबोधन में न्यायमूर्ति केशव चंद्र धूलिया के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संविधान में संघवाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संविधान में ‘सशक्त राज्यों’ की परिकल्पना निहित है, जो देश की संघीय संरचना को मजबूत बनाती है।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के निर्णायक वरिष्ठ अधिवक्ता बी.पी. नौटियाल ने कहा कि भारत ‘राज्यों का संघ’ है और इसलिए सशक्त राज्य राष्ट्र की मजबूती के लिए अनिवार्य हैं। निबंध प्रतियोगिता के परीक्षक प्रो. हर्ष दोभाल ने विद्यार्थियों से अध्ययन की आदत विकसित करने और तार्किक सोच को मजबूत करने का आह्वान किया।
निबंध प्रतियोगिता में यूपीईएस की आर्या सिंह कच्छवाहा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक एवं 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि जीती। कुमाऊं विश्वविद्यालय की दीपिका बहुखंडी को रजत पदक व 15 हजार रुपये तथा यूपीईएस की सौम्या शर्मा को कांस्य पदक व 10 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। एस.एस. जेना विश्वविद्यालय की खुशी धामी को विशेष उल्लेख के अंतर्गत 5 हजार रुपये की नकद राशि एवं स्वर्ण कप प्रदान किया गया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में चाणक्य लॉ कॉलेज की शांभवी सिंह और अर्जुन प्रताप सिंह की टीम विजेता रही। टीम को रनिंग ट्रॉफी एवं 30 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। यूपीईएस की समृद्धि मिश्रा और वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ उपविजेता रहे, जिन्हें रनिंग ट्रॉफी एवं 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कर्मभूमि फाउंडेशन, उत्तराखंड द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विंग कमांडर अनुपमा जोशी (सेवानिवृत्त) ने किया। फाउंडेशन के सचिव, भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त कैप्टन हिमांशु धूलिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
