घरेलू उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी कीमतों में कोई बदलाव नहीं
- सीएनजी और पीएनजी की कम कीमतों से घरेलू व परिवहन ईंधन लागत में राहत
- वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के अनुरूप
नयी दिल्ली,1 जनवरी । मीडिया के कुछ हिस्सों में यह रिपोर्ट किया जा रहा है कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में ₹111 की बढ़ोतरी की गई है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बाजार-निर्धारित होती हैं और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं। अतः वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में संशोधन वैश्विक एलपीजी कीमतों और संबंधित लागतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को दर्शाते हैं। घरेलू एलपीजी की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं।
भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60% आयात करता है, इसलिए घरेलू एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ी होती हैं, जिनमें सऊदी सीपी (Saudi CP) अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है। जुलाई 2023 में औसत सऊदी सीपी जहां लगभग 385 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन था, वहीं नवंबर 2025 में यह बढ़कर लगभग 466 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया (लगभग 21% की वृद्धि)। इसके बावजूद, इसी अवधि में घरेलू एलपीजी की कीमतों में लगभग 22% की कमी की गई—अगस्त 2023 में ₹1103 से घटाकर नवंबर 2025 में ₹853 किया गया।
घरेलू उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर, जिसकी वास्तविक लागत लगभग ₹950 है, दिल्ली में गैर-पीएमयूवाई (PMUY) उपभोक्ताओं के लिए ₹853 और पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए ₹553 में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अगस्त 2023 में ₹903 से नवंबर 2025 में ₹553 तक, पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए प्रभावी कीमत में लगभग 39% की कमी को दर्शाता है। यह स्वच्छ रसोई ईंधन के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु सरकार के केंद्रित समर्थन को रेखांकित करता है। इस मूल्य निर्धारण में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए सरकार ने पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को प्रति वर्ष अधिकतम नौ रिफिल तक 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी है, जिसके लिए ₹12,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये उपाय घरों तक स्वच्छ रसोई ईंधन की किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
हालांकि 2024–25 के दौरान अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में वृद्धि हुई और वे अभी भी ऊंची बनी हुई हैं, फिर भी घरेलू उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों की अस्थिरता से बचाने के लिए यह बढ़ी हुई लागत घरेलू एलपीजी कीमतों में नहीं जोड़ी गई। इसके परिणामस्वरूप तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को लगभग ₹40,000 करोड़ का नुकसान हुआ। इसे संबोधित करने और किफायती दरों पर घरेलू एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हाल ही में OMCs को ₹30,000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दी है।
01.11.2025 की स्थिति के अनुसार, पड़ोसी देशों के साथ घरेलू एलपीजी कीमतों की तुलना नीचे दी गई है, जो भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की किफायती उपलब्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:
| देश | घरेलू एलपीजी (₹/14.2 किग्रा सिलेंडर) |
|---|---|
| भारत (दिल्ली) | 553.00* |
| पाकिस्तान (लाहौर) | 902.20 |
| श्रीलंका (कोलंबो) | 1227.58 |
| नेपाल (काठमांडू) | 1205.72 |
स्रोत: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC)
* दिल्ली में पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए प्रभावी लागत ₹553 है; गैर-पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए प्रभावी लागत ₹853 है।
इसके अतिरिक्त, नए वर्ष की शुरुआत में स्वच्छ ईंधन खंड के उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक खबर है। 1 जनवरी से चुनिंदा शहरों में संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) और पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) की कीमतों में कमी की गई है। इसमें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पीएनजी की कीमतों में कटौती और गैस वितरण कंपनियों द्वारा सीएनजी तथा घरेलू पीएनजी की कीमतों में ₹1-₹1 की कमी शामिल है। ये कटौतियां पाइपलाइन टैरिफ में हालिया बदलावों के बाद की गई हैं और इससे घरों तथा वाहन उपयोगकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही स्वच्छ ईंधनों को अपनाने को और बढ़ावा मिलेगा।
वाणिज्यिक एलपीजी कीमतों के संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर उपयोगकर्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम—लगभग 30 लाख (केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के उपयोगकर्ता शामिल)—है, जबकि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 33 करोड़ से अधिक है। वाणिज्यिक एलपीजी मुख्यतः होटल, रेस्तरां और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा उपयोग किया जाता है, जबकि घरेलू एलपीजी देशभर में घरों की रसोई जरूरतों को पूरा करता है। उल्लेखनीय रूप से, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो घरेलू उपभोक्ताओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समग्र रूप से, जहां वाणिज्यिक एलपीजी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थितियों को दर्शाती हैं, वहीं सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाने, किफायत सुनिश्चित करने तथा देशभर में स्वच्छ रसोई और परिवहन ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर और लक्षित कदम उठाए हैं।
