अंकिता भंडारी हत्याकांड: ‘VIP’ जांच की मांग को लेकर 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान
देहरादून, 9 जनवरी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘VIP’ व्यक्तियों की भूमिका की जांच और गिरफ्तारी की मांग को लेकर गठित “अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच” ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। इस संबंध में मंच के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को प्रेस क्लब देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर जांच में पारदर्शिता न बरतने और प्रभावशाली लोगों को बचाने के आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता में उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि निचली अदालत के फैसले में ‘VIP’ और ‘स्पेशल सर्विस’ का उल्लेख है। इसके साथ ही अंकिता भंडारी की व्हाट्सऐप चैट में भी ‘VIP गेस्ट’ का जिक्र सामने आया है, बावजूद इसके विशेष जांच टीम (SIT) ने इस एंगल की गंभीरता से जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि यह मामला “उत्तराखंड की एप्स्टीन फ़ाइल” की तरह है, जिसमें कई अहम परतें अभी खुलनी बाकी हैं। मंच न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और कथित ‘VIP’ की गिरफ्तारी की मांग पर अडिग है।
युवा नेता मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार ‘VIP अपराधियों’ को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अंकिता के परिजनों से किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
यूकेडी उपाध्यक्ष शांति भट्ट ने कहा कि जांच को शुरू से ही भटकाया गया और कथित तौर पर कुछ नाम सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने की चर्चाओं के कारण ‘VIP एंगल’ को नजरअंदाज किया गया। वहीं राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि यह मामला पूरे राज्य को झकझोर देने वाला था और CBI जांच की व्यापक मांग उठी थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।
मंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी दावा किया कि कुछ घटनाओं से संदेह और गहराया है। इनमें उर्मिला सनावर का भाजपा के एक पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार के साथ एक ही दिन में देखा जाना, दर्शन भारती द्वारा सनावर के ऑडियो बयान को कथित रूप से भटकाना तथा दर्शन भारती का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ दिखना शामिल बताया गया। मंच का कहना है कि इन घटनाओं से ‘VIP अपराधियों को बचाने की बड़ी साजिश’ का संकेत मिलता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मंच ने आरोप लगाया कि गठित SIT ने ‘VIP एंगल’ की जांच नहीं की और रिसॉर्ट के कमरों को ढहाने जैसी घटनाओं के जरिए सबूत नष्ट किए गए, लेकिन इन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संयुक्त संघर्ष मंच ने दावा किया कि उसके आंदोलन को लगातार सामाजिक और राजनीतिक समर्थन मिल रहा है, जिसमें कांग्रेस पार्टी का समर्थन भी शामिल है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गढ़वाल सभा के गजेंद्र भंडारी, उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की डॉ. उमा भट्ट, उत्तराखंड समानता पार्टी के टी.एस. नेगी, अखिल भारतीय समानता मंच के प्रदेश अध्यक्ष वी.के. धस्माना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
