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मुख्य सचिव ने लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून, 9 जनवरी ।  मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार एवं उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है तथा इसे शीघ्र पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही अथवा ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने सभी संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने परियोजना से संबंधित विभिन्न संस्थानों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स एवं केन्द्रीय जल आयोग से उनके पुनरीक्षण का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने हेतु सभी स्तरों पर पर्ट चार्ट के साथ विस्तृत टाइमलाइन तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, दक्ष मानव संसाधन, मशीनरी एवं निर्माण सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हाइड्रो-मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्य सचिव ने परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक अध्ययनों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल एवं जिला प्रशासन को परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों एवं प्रभावितों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव, ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से परियोजना कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी परियोजना की प्रगति पर नियमित एवं कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों के लिए संबंधित मंत्रालयों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए फाइल प्रोसेसिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में अवगत कराया गया कि यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित बांध की ऊँचाई 204 मीटर है तथा इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। परियोजना से 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता प्राप्त होगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी यूजेवीएनएल डॉ. संदीप सिंघल, केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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