ISRO का PSLV-C62 मिशन (अन्वेषा/EOS-N1) आज लॉन्च होगा
आज 12 जनवरी 2026 का दिन भारत के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दिन है।
🚀 ISRO का PSLV-C62 मिशन (अन्वेषा/EOS-N1)
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज साल 2026 के अपने पहले मिशन के साथ इतिहास रचने जा रहा है।
- लॉन्च का समय: आज सुबह 10:18 बजे (IST)।
- स्थान: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)।
- मुख्य पेलोड (अन्वेषा): इस रॉकेट के साथ EOS-N1 उपग्रह भेजा जा रहा है, जिसे ‘अन्वेषा’ (Anvesha) कोडनेम दिया गया है। यह DRDO द्वारा विकसित एक हाइपर-स्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है।
- खासियत: इसे अंतरिक्ष में “भारत की नई आंख” कहा जा रहा है। यह रक्षा निगरानी, कृषि, शहरी मानचित्रण और पर्यावरण ट्रैकिंग में सटीक डेटा प्रदान करेगा।
- अन्य सैटेलाइट: इसके साथ भारत और विदेशों के 15-18 अन्य छोटे सैटेलाइट्स भी भेजे जा रहे हैं।
- अन्वेषा (EOS-N1): यह एक अत्याधुनिक ‘हाइपर-स्पेक्ट्रल’ उपग्रह है जिसे DRDO ने विकसित किया है। यह अदृश्य प्रकाश तरंगों के जरिए ज़मीन की ऐसी तस्वीरें लेगा जो आम कैमरों से संभव नहीं हैं।
- रक्षा और विकास: इस सैटेलाइट का मुख्य उपयोग सीमाओं की निगरानी (Defense), कृषि पैदावार का आकलन और वनों की स्थिति जानने के लिए किया जाएगा।
- सहयोगी मिशन: अन्वेषा के साथ 15 से अधिक अन्य छोटे सैटेलाइट्स भी अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत की अंतरिक्ष व्यापार क्षमता को दर्शातेके क्षेत्र मे म।
