क्षेत्रीय समाचार

थराली क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक में विकास मुद्दों पर मंथन, अनुपस्थित अधिकारियों पर सीडीओ सख्त

—हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट—
थराली, 13 जनवरी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव–2025 संपन्न होने के बाद चमोली जिले के नौ विकासखंडों में से थराली क्षेत्र पंचायत की पहली त्रैमासिक बैठक मंगलवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित की गई। बैठक में यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सिंचाई, भूस्खलन, कृषि, बैंकिंग, दैवी आपदा, जंगली जानवरों की समस्या सहित अनेक जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने की। बैठक के प्रारंभ में खंड विकास अधिकारी नितिन धानिया ने एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) थराली के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब करने तथा वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।

पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण पर चर्चा के दौरान भावना रावत ने ग्वालदम–जलचौर और ग्वालदम–पाटला मार्ग के निर्माण, मंजू देवी ने कुराड़–लैटाल मार्ग पर पुल निर्माण तथा हरीनगर–लैटाल सड़क का कार्य लोनिवि थराली से कराए जाने की मांग उठाई। इस पर पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग के सहायक अभियंता धीरेंद्र सिंह भंडारी ने जानकारी दी कि थराली विकासखंड में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 13 सड़कें निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने सदन में आधी-अधूरी जानकारी प्रस्तुत किए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में सभी विभाग पूर्ण और तथ्यपरक जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित हों।
एनपीसीसी से संबंधित चर्चा में सुमन देवराड़ी और भानु प्रकाश ने बूगां–कोलपुड़ी, थराली–सूना–पैनगढ़ मार्ग, मनमोहन सिंह रावत ने थराली–किमनी, कुंवर सिंह रौथाण ने तलवाड़ी–सेरा तथा राजेंद्र सिंह रावत ने कुलसारी–आलकोट मोटर मार्ग का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने आपदा के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। इस पर एनपीसीसी के प्रबंधक नरेंद्र तोमाकियाल ने बताया कि आपदा मद में आंगणन तैयार कर भेजा जा चुका है।

लोनिवि थराली से जुड़ी चर्चाओं में गेरूड़–रतगांव और सुनला–काखड़ा प्रस्तावित सड़कों, चिड़िगा–खंपाधार मोटर मार्ग के डामरीकरण तथा थराली–कुराड़ मार्ग से मलबा हटाने की मांग रखी गई। जेष्ठ प्रमुख नवनीत रावत, सदस्य यशोदा देवी, मनमोहन रावत, प्रमोद जोशी सहित अन्य सदस्यों ने चेपड़ों, बैनोली, सेरा बिजेपुर, थराली, राड़ीबगड़, केदारबगड़, ग्वालदम, रतगांव के डाडरबगड़ और चौंड़ा क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान के बाद सुरक्षात्मक उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर सिंचाई खंड थराली के अधिशासी अभियंता प्रशांत श्रीवास्तव ने आवश्यक जानकारी सदन के समक्ष रखी।

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल निगम, जल संस्थान, जलागम, विद्युत, सहकारिता, पशुपालन, शिक्षा, उद्यान, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पूर्ति विभाग, उरेड़ा, वन एवं राजस्व विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट, कृषि अधिकारी अश्वनी गौतम, ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार, रेंजर मनोज देवराड़ी, जल निगम के हेमंत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर दिए।

थराली प्रमुख की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली, जो आपदा के दौरान अस्थायी रूप से जिला पंचायत भवन से संचालित हो रहा था, को उसके मूल भवन में तत्काल स्थानांतरित कर मंगलवार से ही संचालन शुरू करने के निर्देश सीएचसी के एमओआईसी को दिए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने कई विभागीय अधिकारियों से फोन पर भी स्पष्टीकरण प्राप्त कर सदन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया।

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