सरकार ने लंबे समय से चली आ रही ‘समान कार्य-समान वेतन’ की मांग को स्वीकार करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट के मुख्य फैसले:

  • 10 वर्ष की सेवा पर लाभ: पहले यह लाभ 12 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को देने पर विचार हो रहा था, लेकिन कैबिनेट ने इसे घटाकर 10 वर्ष कर दिया है। अब 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।

  • प्रथम चरण का लाभ: पहले चरण में उन कर्मियों को लाभ मिलेगा जिन्होंने वर्ष 2015 या उससे पहले से अपनी सेवाएं शुरू की हैं और 2025 तक 10 साल पूरे कर लिए हैं। इससे लगभग 7,000 से 8,000 कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा।

  • अन्य कर्मियों के लिए योजना: वर्ष 2016 से 2018 के बीच नियुक्त हुए कर्मियों को अगले चरणों में वित्त विभाग की सहमति के बाद इस दायरे में लाया जाएगा। कुल मिलाकर लगभग 21,000 कर्मचारी भविष्य में इससे लाभान्वित होंगे।

  • पृथक अनुबंध: सभी संबंधित विभाग इन कर्मचारियों के साथ अगले दो महीनों के भीतर अलग से अनुबंध (Contract) करेंगे।

  • भविष्य की नियुक्तियां: कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में उपनल का उपयोग केवल पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के रोजगार व पुनर्वास के लिए ही किया जाएगा। अन्य श्रेणियों के लिए नई आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन किया जाएगा।


अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:

कैबिनेट बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें से कुछ प्रमुख नीचे दिए गए हैं:

क्षेत्र फैसला
UCC (समान नागरिक संहिता) पंजीकरण की समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर 1 साल की गई।
होम स्टे योजना अब केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
गन्ना मूल्य अगेती प्रजाति के लिए ₹405 और पछेती के लिए ₹395 प्रति क्विंटल निर्धारित।
न्यायालय पोक्सो और भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई के लिए 16 विशेष न्यायालयों का गठन।