देहरादून में ई-बीआरटीएस के लिए फोर लेन एलीवेटेड कॉरिडोर पर विचार
देहरादून, 16 जनवरी । उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी बुनियादी ढांचा एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड (यूकेएमआरसी) द्वारा प्रस्तावित ई-बीआरटीएस/ई-बस संचालन से जुड़े डेडीकेटेड एलीवेटेड कॉरिडोर को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की बैठक में इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए इसे टू-लेन के बजाय फोर-लेन बनाए जाने की संभावना का परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
निर्णय के अनुसार प्रस्तावित कॉरिडोर में दो लेन ई-बीआरटीएस/ई-बस संचालन के लिए तथा दो लेन सामान्य बसों के संचालन हेतु रखने पर विचार किया जाएगा, ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही पूरे प्रोजेक्ट क्षेत्र में आवश्यक पार्किंग स्थलों की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया कि बिंदाल एवं रिस्पना एलीवेटेड रोड के अलाइनमेंट को प्रस्तावित परियोजना में शामिल किया जाएगा, जिससे जंक्शन पॉइंट्स पर किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो। परियोजना को अंतिम रूप देने और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, देहरादून को इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी नामित करने का निर्णय लिया गया है। यूकेएमआरसी और पीडब्ल्यूडी आपसी समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाएंगे।
इसके अलावा हर की पैड़ी से चंडीदेवी रोपवे परियोजना को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। निर्णय लिया गया कि रोपवे के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने तथा निजी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई वन विभाग से फॉरेस्ट क्लीयरेंस की स्टेज-वन स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध विकास को गति मिलेगी।
