क्राइम

मणिपुर हिंसा की पीड़िता कुकी महिला ने गुवाहाटी में तोड़ा दम

 संगठनों ने कहा- ‘न्याय के इंतजार में बुझ गया जीवन’

गुवाहाटी, 19 जनवरी।मणिपुर में मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के दौरान बर्बरता और सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई 20 वर्षीय कुकी-जो महिला की यहाँ गुवाहाटी के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। पिछले 20 महीनों से शारीरिक चोटों और गहरे मानसिक आघात (Trauma) से जूझ रही इस युवती ने 10 जनवरी को अंतिम सांस ली।

घटना का क्रम और पीड़िता का बयान

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, 15 मई 2023 को इंफाल के ‘न्यू चेकॉन’ इलाके में एक एटीएम (ATM) के पास से उसका अपहरण किया गया था। पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि हमलावरों के एक समूह ने उसे पकड़ा और बाद में कुछ सशस्त्र पुरुषों के हवाले कर दिया, जिन्होंने एक पहाड़ी इलाके में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में उसे एक नाले के पास छोड़ दिया गया था, जहाँ से एक ऑटो-रिक्शा चालक ने उसे बचाकर अस्पताल पहुँचाया।

चिकित्सीय जटिलताएँ

परिजनों और आदिवासी संगठनों के अनुसार, युवती को ‘गर्भाशय संबंधी गंभीर जटिलताएँ’ (uterine complications) और आंतरिक चोटें आई थीं। इंफाल से भागने के बाद उसका इलाज पहले कांगपोकपी, फिर कोहिमा और अंत में गुवाहाटी में चला। चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद वह उस सदमे और शारीरिक क्षति से पूरी तरह कभी उबर नहीं पाई।

आदिवासी संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया

इस दुखद मृत्यु पर इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) और कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) ने कड़ा रोष व्यक्त किया है:

  • ITLF का आरोप: संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह मृत्यु मणिपुर में कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय व्यवस्था मूकदर्शक बनी रही।
  • CoTU की मांग: संगठन ने शनिवार को कांगपोकपी में एक कैंडल मार्च (मोमबत्ती जुलूस) निकाला और केंद्र सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि 30 महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की पहचान तक नहीं हो पाना बेहद शर्मनाक है।
  • न्याय की गुहार: संगठनों ने इस मामले को प्रधानमंत्री के ‘बेटी बचाओ’ विजन की कसौटी बताते हुए त्वरित न्याय (Fast-track justice) की अपील की है।

अबतक की कानूनी स्थिति

जुलाई 2023 में दर्ज हुई FIR में हत्या के प्रयास (धारा 307), अपहरण (धारा 364) और सामूहिक दुष्कर्म (धारा 376) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला इंफाल के ‘पोरोमपाट’ थाने में लंबित है, लेकिन अब तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है। (Inputs with – Utpal Parasar, The Hindustan times)

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